गौचर मेले की आखिरी शाम दर्शन फरस्वाण और इंदर आर्य के नाम रही

गौचर, 20 नवंबर (गुसाईं) ।मेले की आखिरी सांस्कृतिक संध्या पर लोक गायक दर्शन फर्स्वाण व लोक गायक इंदर आर्य ने अपने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों से यह कहकर अलविदा गौचर मेला अगले वर्ष फिर मिलेंगे लोगों का खूब मनोरंजन किया।
मेले की आखिरी सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ लोक गायक दर्शन फर्स्वाण ने देवी देवताओं की आराधना से की।इसके उन्होंने,,मेरा गला गुलबंद लाल डोरी,,बेडू पाको बारमाशा, पार बीड़े की बशंती छोरी रूमाझूमा,,क्रीम पाउडर किले नी घिसनी,, आदि तमाम गानों से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। इसके बाद इंदर आर्य ने अपनी टीम के साथ तेरा लहंगा क्या भलो सजीदी आदि तमाम गानों से दर्शकों को खूब नचाया।
इससे पहले दर्शन फर्स्वाण के गानों पर मेलाधिकारी सौहन सिंह रागड़ व कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश नेगी भी अपने को नहीं रोक पाए और मंच पर ढुमके लगाने लगे। इस अवसर पर गौ सेवा आयोग के सदस्य अनिल नेगी, हेमंत बिष्ट, संदीप पटवाल,अभिशेक खत्री,युद्धबीर खत्री अजय किशोर भंडारी, विपुल रावत, सुनील पंवार, व्यापार संघ अध्यक्ष राकेश लिंगवाल, सुनील लिंगवाल,राजीव चौहान,सुबोध रावत,रोशन पुंडीर, महादेव बहुगुणा,भरत नेगी, सुरेंद्र सिंह नेगी, बंदना रावत, गंभीर असवाल, आदि कई गणमान्य लोग मौजूद थे।
