विज्ञान प्रोद्योगिकी

यूकॉस्ट में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर 27 महिलाओं को सम्मान, महिला उद्यमियों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र

देहरादून, 7 मार्च। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) की ओर से इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) सभागार में कॉनक्लेव, महिला उद्यमियों की प्रदर्शनी तथा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सात महिलाओं को विज्ञान प्रयोगधर्मी महिला सम्मान–2026 तथा 20 महिलाओं को हिमालयी नारी शक्ति सम्मान–2026 से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण महिला उद्यमियों द्वारा लगाए गए स्टार्टअप्स की प्रदर्शनी रही।

कार्यक्रम का आयोजन यूकॉस्ट, दिव्य हिमगिरि और सरादस्ता के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस दौरान “स्टार्टअप्स, नवाचार एवं उद्यमिता में महिलाओं की भागीदारी” विषय पर एक कॉनक्लेव भी आयोजित किया गया। महिला उद्यमी प्रदर्शनी का उद्घाटन एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) भानु दुग्गल ने किया।

कॉनक्लेव को संबोधित करते हुए प्रो. दुग्गल ने कहा कि भारत में महिलाओं की उद्यमिता की परंपरा बहुत पुरानी है। उन्होंने अहिल्याबाई होल्कर का उदाहरण देते हुए कहा कि 18वीं शताब्दी में उन्होंने माहेश्वरी साड़ियों के निर्माण और विपणन को एक संगठित स्वरूप देकर महिलाओं के लिए उद्यमिता के नए रास्ते खोले। उन्होंने कहा कि समानता का अर्थ यह नहीं कि महिलाएं पुरुषों की प्रतिस्पर्धा में नकारात्मक प्रवृत्तियों की ओर बढ़ें, बल्कि अपनी क्षमताओं के बल पर समाज में सकारात्मक नेतृत्व स्थापित करें।

कॉनक्लेव की मुख्य पैनलिस्ट डॉ. हरिका आर. राजेश कुमार ने कहा कि महिलाओं से बेहतर उद्यमी शायद ही कोई हो सकता है, क्योंकि वे घर और बाहर दोनों जगह कुशल प्रबंधन की क्षमता रखती हैं। कॉनक्लेव में अनुराधा डोवल, ममता रावत, श्रद्धा नेगी और गीता चंदोला ने भी अपने अनुभव और सफलता की कहानियां साझा कीं। सत्र का संचालन यूकॉस्ट की वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. मंजू सुंदरियाल ने किया।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र की अध्यक्षता यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. डॉ. दुर्गेश पंत ने की। उन्होंने कहा कि यूकॉस्ट के “शी फॉर स्टेम” कार्यक्रम के माध्यम से उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में छात्राओं और महिलाओं को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के जरिए उद्यमिता से जोड़ा जा रहा है।

मुख्य अतिथि उत्तराखंड राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की अध्यक्षा न्यायाधीश कुमकुम रानी ने सभी सम्मानित महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि महिलाओं का शिक्षित और उद्यमशील होना समाज और राष्ट्र की प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है।

इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) उत्तराखंड स्टेट सेंटर के चेयरमैन इंजी. सी.पी. शर्मा ने कहा कि भारत सहित पूरी दुनिया में महिलाओं ने हर क्षेत्र में उत्कृष्ट नेतृत्व दिया है और समाज को उनसे प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम का परिचय एवं स्वागत संबोधन सरादस्ता के अध्यक्ष और दिव्य हिमगिरि के संपादक डॉ. कुँवर राज अस्थाना ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन यूकॉस्ट के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. ओ.पी. नौटियाल ने दिया। कार्यक्रम में पूर्व तकनीकी शिक्षा निदेशक आर.पी. गुप्ता, इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स के सचिव हिमांशु अवस्थी, पूर्व चेयरमैन एन.के. यादव, आईईआई फेलो एस.ए. अंसारी, हेमेश्वरी शर्मा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और छात्राएं उपस्थित रहीं।

विज्ञान प्रयोगधर्मी महिला सम्मान–2026 से सम्मानित
सुषमा बहुगुणा, रंजना कुकरेती शर्मा, डॉ. रीमा पंत, राजुली भट्ट, सोनिया देवी, डॉ. विजेता बिष्ट और मोनिका बोहरा।

हिमालयी नारी शक्ति सम्मान–2026 से सम्मानित
अनुराधा डोवल, मधु गुप्ता, डॉ. रमा गोयल, डॉ. ममता कुंवर, डॉ. वीना अस्थाना, ममता रावत, श्रुति जोशी, श्वेता ध्यानी, वंदना श्रीवास्तव, श्रद्धा नेगी, गीता चंदोला, अर्चना थपलियाल, प्रीति मनराल, इंजी. बबीता कोहली, डॉ. मंजू ओ. पाई, डॉ. हरिका आर. राजेश कुमार, डॉ. शेफाली अग्रवाल, डॉ. बबीता बेहेरा, सुरभि माथुर और अमिता गर्ग।

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