विस कूच में कांग्रेस ने दिखाई ताकत, बेबस नजर आई पुलिस
प्रदर्शन में कांग्रेस की एकजुटता से सत्ता पक्ष को दिया राजनीतिक संदेश : गोदियाल बोले, तानाशाही सरकार चंद दिनों की मेहमान

–महिपाल गुसाई की रिपोर्ट-
भराड़ीसैंण, 10 मार्च। विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा परिसर के बाहर कांग्रेस ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। स्थायी राजधानी गैरसैंण की मांग, प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा तथा अन्य जन मुद्दों को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, चुनाव अभियान समिति के प्रमुख हरक सिंह रावत सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने विधानसभा कूच किया और सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों के बढ़ते हुजूम को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पहले ही कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर दी थी। जंगलचट्टी और दुपतोलासैंण बैरियर पर पुलिस बल तैनात किया गया था, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ के सामने पुलिसकर्मी कई जगह बेबस नजर आए। कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया।

इसके बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हुजूम लगातार आगे बढ़ता गया और विधानसभा की ओर कूच करता रहा। आखिरकार जब प्रदर्शनकारी दिवालीखाल स्थित मुख्य बैरियर तक पहुंच गए तो वहां उन्होंने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
इस दौरान कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स के ऊपर चढ़कर बैठ गए और वहीं धरने पर बैठकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। चुनाव अभियान समिति के प्रमुख हरक सिंह रावत ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उनमें उत्साह का संचार किया और कहा कि जनता के मुद्दों को लेकर कांग्रेस का संघर्ष लगातार जारी रहेगा।

करीब तीन घंटे से अधिक समय तक पूरा दिवालीखाल क्षेत्र नारों से गूंजता रहा। प्रदर्शनकारी “स्थायी राजधानी गैरसैंण बनाओ”, “महिला विरोधी सरकार नहीं चलेगी”, “बलात्कारियों की सरकार नहीं चलेगी”, “अंकिता को न्याय दो”, “पहाड़ की बेटी को न्याय दो” जैसे नारों के साथ सरकार के खिलाफ अपना रोष प्रकट करते रहे।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस सरकार के समय उत्तराखंड और विशेष रूप से गैरसैंण के विकास के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया गया था, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार उस दिशा में एक इंच भी आगे नहीं बढ़ पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की भाजपा सरकार विकास के मुद्दों पर पूरी तरह विफल साबित हुई है और राज्य की जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि आज उत्तराखंड में लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर सरकार ने बल प्रयोग कराया और उन पर पानी की बौछारें करवाईं। उन्होंने कहा कि यह सरकार जनता की आवाज से डरती है, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता जनहित के मुद्दों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं।
गोदियाल ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इन मुद्दों पर जवाब देना चाहिए, लेकिन इसके बजाय वह जनता की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
इस मौके पर जिला अध्यक्ष सुरेश डिमरी, प्रदेश महामंत्री हरि कृष्णा भट्ट, पीसीसी सदस्य अरविंद नेगी, पूर्व प्रमुख डी. डी. कुनियाल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रकाश रावत, हरेंद्र राणा, गोविंद सजवाण, शैलेन्द्र नेगी, प्रमोद बिष्ट, योगेन्द्र बिष्ट, सूरज शैलानी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में कहा कि प्रदेश की वर्तमान सरकार जनभावनाओं की अनदेखी कर रही है और तानाशाही रवैया अपनाए हुए है। उन्होंने दावा किया कि जनता अब इस सरकार से पूरी तरह निराश हो चुकी है और यह सरकार ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है। नेताओं ने कहा कि जनहित के मुद्दों को लेकर कांग्रेस का संघर्ष आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।
