अंकिता हत्याकांड में न्याय की मांग तेज, 24 मार्च से मंत्रियों-विधायकों के घेराव का ऐलान

देहरादून, 17 मार्च। अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय और कथित ‘वीआईपी’ आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलन तेज होने के संकेत मिले हैं। शहीद स्मारक, देहरादून में आयोजित ‘अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच’ की बैठक में प्रदेश सरकार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया।
मंच ने घोषणा की कि भाजपा सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रदेशभर में मंत्रियों और विधायकों का क्रमवार घेराव किया जाएगा। आंदोलन की शुरुआत 24 मार्च को विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी के घेराव से की जाएगी।
बैठक को संबोधित करते हुए मंच की वरिष्ठ सदस्य एवं राज्य आंदोलनकारी कमला पंत ने कहा कि प्रदेश में महिला अपराधों के मामलों को लेकर जनभावनाएं गंभीर हैं और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न जनप्रतिनिधियों से इस मुद्दे पर जवाब भी मांगा जाएगा।
मंच ने गैरसैंण विधानसभा सत्र के दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा सामाजिक कार्यकर्ताओं पर की गई टिप्पणी पर आपत्ति जताई। साथ ही, विधानसभा में इस मामले पर अपेक्षित चर्चा न होने को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई।
बैठक के बाद मंच के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और भाजपा नेता दुष्यंत गौतम के खिलाफ नाराजगी जताई। मंच के पदाधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
कार्यक्रम में निर्मला बिष्ट, मोहित डिमरी, उमा भट्ट, बिपिन नेगी, सूरज नेगी, विमला कोली, पद्मा गुप्ता और स्मृति नेगी सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
