उत्तराखण्ड को आपदा सुरक्षित बनाने की दिशा में नई पहल, ग्राम प्रधानों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
देहरादून, 23 अप्रैल। उत्तराखण्ड को आपदा सुरक्षित बनाने की दिशा में प्रदेश के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री श्री मदन कौशिक ने महत्वपूर्ण पहल की है। अब आपदा प्रबंधन विभाग और पंचायती राज विभाग समन्वित रूप से कार्य करेंगे, ताकि ग्राम स्तर पर आपदा से निपटने की क्षमता मजबूत हो और स्थानीय स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
इस पहल के तहत प्रथम चरण में राज्य के ग्राम प्रधानों को आपदा प्रबंधन का व्यवहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्राम प्रधानों को आपदा की स्थिति में फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में तैयार करना है, ताकि वे प्रारंभिक राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी ढंग से संचालित कर सकें और पेशेवर टीमों के पहुंचने तक स्थिति को नियंत्रित रख सकें। साथ ही राज्य में आपदा सुरक्षित गांव विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा, जो भूकंप, भूस्खलन, बाढ़ सहित अन्य आपदाओं का सामना करने में सक्षम हों।
गुरुवार को यूएसडीएमए में विश्व बैंक सहायतित ‘यू-प्रिपेयर’ परियोजना के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने विभिन्न विभागों की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्धता का आकलन किया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को विशेष रूप से निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और तय समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। खासकर पुलों के निर्माण में गुणवत्ता और सुरक्षा से कोई समझौता न करने के निर्देश दिए गए। साथ ही लंबित निविदा प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने पर भी जोर दिया गया।
आपदा शेल्टरों के निर्माण के संबंध में मंत्री ने कहा कि उनके लिए स्थान का चयन पूरी सावधानी और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा यूएसडीएमए भवन में प्रस्तावित अत्याधुनिक राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को जल्द शुरू करने और सभी जनपदों के आपातकालीन परिचालन केंद्रों को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित करने के निर्देश भी दिए।
मंत्री ने कहा कि प्रभावी आपदा प्रबंधन के लिए संबंधित विभागों को आधुनिक उपकरणों और संसाधनों से सशक्त बनाना आवश्यक है। इस दिशा में पीडब्ल्यूडी, वन विभाग, एसडीआरएफ सहित अन्य विभागों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सर्वोत्तम उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि वे स्वयं विभिन्न जनपदों का भ्रमण कर परियोजना कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे, ताकि योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचे। बैठक में अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन, सचिव खाद्य एवं परियोजना निदेशक श्री आनंद स्वरूप, एसीईओ प्रशासन श्री महावीर सिंह चौहान, एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी श्री राजकुमार नेगी, जेसीईओ मो. ओबैदुल्लाह अंसारी, वित्त नियंत्रक श्री अभिषेक कुमार आनंद, यूएलएमएमसी के निदेशक डॉ. शांतनु सरकार, एपीडी श्री एस.के. बिरला, डॉ. मोहित पूनिया, श्री पी.डी. माथुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
