पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने थराली व चेपड़ो के आपदा प्रभावित गांवों का किया दौरा, सरकार की आपदा नीति पर उठाए सवाल
-हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट-
थराली, 25 अप्रैल। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने थराली एवं चेपड़ो के आपदा प्रभावित गांवों का दौरा कर पीड़ितों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने सरकार की आपदा प्रबंधन नीति पर सवाल उठाते हुए मुआवजे और सुरक्षा कार्यों को ईमानदारी से धरातल पर लागू न किए जाने का आरोप लगाया।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत शुक्रवार देर शाम थराली क्षेत्र के दौरे पर पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने थराली मुख्य बाजार में जनसंपर्क कर आपदा प्रभावित लोगों का हालचाल जाना। इसके बाद वे देर शाम आपदा प्रभावित चेपड़ो गांव पहुंचे, जहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनकी व्यथा सुनी।
इस दौरान रावत ने आरोप लगाया कि सरकार आपदा प्रभावितों के साथ न्याय नहीं कर रही है और मुआवजे के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि थराली बाजार पूरी तरह आपदा की चपेट में आ चुका है, जबकि पिंडर नदी के किनारे लगातार हो रहा कटाव एक बड़े खतरे की ओर इशारा कर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि थराली क्षेत्र में भू-धंसाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन अब तक बाढ़ सुरक्षा या स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कार्य धरातल पर दिखाई नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि चेपड़ो गांव की स्थिति भी गंभीर बनी हुई है और वहां क्षतिग्रस्त दुकानों का अब तक मुआवजा न मिलना पीड़ितों के साथ अन्याय है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 की आपदा के दौरान प्रभावितों को 5 लाख रुपये की सहायता के साथ मुख्यमंत्री राहत कोष से अतिरिक्त 2 लाख रुपये तथा केंद्र सरकार से भी सहायता उपलब्ध कराई गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार सीमित मुआवजा देकर प्रभावितों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग नीति अपनाना उचित नहीं है और सभी आपदा पीड़ितों के साथ समान नीति अपनाई जानी चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान थराली कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष विनोद रावत, देवाल अध्यक्ष कमल गड़िया, थराली प्रमुख प्रवीण पुरोहित, थराली नगर पंचायत अध्यक्ष सुनीता रावत, कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, थराली के पूर्व प्रमुख सुशील रावत, सहकारिता प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष महावीर बिष्ट, व्यापार संघ अध्यक्ष संदीप रावत, अब्बल सिंह गुसाईं, गोदांबरी रावत, गोविंद सिंह पांगती तथा क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रदीप दानू सहित अन्य लोगों ने पूर्व मुख्यमंत्री को आपदा प्रभावितों की समस्याओं से अवगत कराया।
इन जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने पूर्व मुख्यमंत्री से मांग की कि वे आपदा पीड़ितों की पीड़ा और समस्याओं को सरकार के समक्ष मजबूती से उठाएं, ताकि प्रभावितों को शीघ्र राहत और स्थायी समाधान मिल सके।
