उच्च शिक्षा से जोड़ने को महाविद्यालय की पहल, गांव-गांव पहुंची ‘उपलब्धि प्रचार-प्रसार यात्रा’
पोखरी, 29 अप्रैल (राणा)। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नागनाथ पोखरी में प्राचार्य डॉ. रीटा शर्मा के नेतृत्व में इंटरमीडिएट उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से एक अभिनव पहल शुरू की गई है। महाविद्यालय द्वारा “उपलब्धि प्रचार-प्रसार अभियान यात्रा” का शुभारंभ किया गया, ताकि कोई भी छात्र-छात्रा उच्च शिक्षा से वंचित न रहे और अपने बेहतर भविष्य का निर्माण कर सके।
इस अभियान के तहत महाविद्यालय की शैक्षिक उपलब्धियों, आधारभूत सुविधाओं, पुस्तकालय, प्रयोगात्मक गतिविधियों एवं सृजनात्मक कार्यों की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। प्राचार्य डॉ. रीटा शर्मा ने पांच अलग-अलग टीमों को प्रचार सामग्री के साथ हरी झंडी दिखाकर विकास खंड पोखरी एवं आसपास के क्षेत्रों के लिए रवाना किया।
पहली टीम डॉ. प्रवीण मैठाणी के नेतृत्व में, दूसरी टीम डॉ. रामानंद उनियाल, तीसरी टीम डॉ. अभय कुमार श्रीवास्तव, चौथी टीम डॉ. जगजीत सिंह तथा पांचवीं टीम डॉ. आयुष बर्तवाल के नेतृत्व में विभिन्न क्षेत्रों में भेजी गई। इन टीमों ने स्कूलों, बाजारों और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर महाविद्यालय की 25 वर्षों की उपलब्धियों और शैक्षिक गुणवत्ता का व्यापक प्रचार-प्रसार किया।
अभियान के प्रथम चरण में टीमों ने राजकीय इंटर कॉलेज भणज, चन्द्रनगर, अटल उत्कृष्ट विद्यालय रडुवा चांदनीखाल, गोदली, आली, देवीखेत, खाल सरमोला, पोगठा तथा घिमतोली सहित विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के महत्व से अवगत कराया। इस दौरान पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण (पीपीटी) के माध्यम से महाविद्यालय की सुविधाओं, पाठ्यक्रमों, नैक प्रत्यायन, छात्रवृत्ति योजनाओं एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) जैसी गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रचार-प्रसार के दौरान छात्र-छात्राओं और स्थानीय जनमानस में महाविद्यालय की शैक्षिक गुणवत्ता और नवाचारों को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। कई विद्यार्थियों ने महाविद्यालय में प्रवेश लेने की रुचि भी दिखाई।
इस अभियान में मुख्य शास्ता डॉ. संजीव कुमार जुयाल, आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. नंद किशोर चमोला सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं।
प्राचार्य डॉ. रीटा शर्मा ने बताया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, जिससे अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा से जुड़ सकें और क्षेत्र में शैक्षिक वातावरण को नई दिशा मिल सके।
