नावेतल्ली गांव में गैस आपूर्ति ठप, ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार
–प्रभुपाल रावत की रिपोर्ट-
रिखणीखाल, 27 मई। रिखणीखाल प्रखंड के ग्राम नावेतल्ली में घरेलू गैस आपूर्ति बाधित होने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सीमांत एवं दुर्गम क्षेत्र में स्थित इस गांव में लगभग 35 से 40 परिवार निवास करते हैं, जिनका जीवन पहले ही मूलभूत सुविधाओं के अभाव में कठिन बना हुआ है। अब गैस सिलेंडरों की नियमित आपूर्ति बंद होने से समस्या और गहरा गई है।
ग्रामीणों के अनुसार भारत गैस सर्विस भौन द्वारा जनवरी 2026 के अंतिम सप्ताह से गांव में गैस सिलेंडरों की आपूर्ति नहीं की जा रही है। गांव के लगभग 80 प्रतिशत उपभोक्ताओं के सिलेंडर खाली पड़े हैं और लोगों को पुनः लकड़ी तथा पारंपरिक ईंधन पर निर्भर होना पड़ रहा है। अधिकांश उपभोक्ताओं ने पहले बेहतर सेवा मिलने के कारण इंडेन गैस सर्विस धुमाकोट से अपने कनेक्शन भारत गैस सर्विस भौन में स्थानांतरित कराए थे, लेकिन अब यहां भी आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में संचार नेटवर्क बेहद कमजोर है, जिससे ऑनलाइन गैस बुकिंग करना मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा गांव में अधिकांश बुजुर्ग पुरुष और महिलाएं निवास करते हैं, जिन्हें ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी नहीं है। नए बुकिंग नियमों और ओटीपी प्रक्रिया की जानकारी के अभाव में लोग गैस बुक नहीं करा पा रहे हैं। वर्तमान में गांव में केवल पांच गैस कनेक्शनों की बुकिंग दर्ज हो पाई है। जानकारी और तकनीकी समझ की कमी ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है।
ग्रामीण बताते हैं कि इससे पहले प्रत्येक माह की 22 तारीख को गांव में नियमित रूप से गैस आपूर्ति होती थी, लेकिन जनवरी से यह व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। इस संबंध में जब भारत गैस सर्विस के संचालक से संपर्क किया गया तो उनका कहना था कि अब गांव-गांव जाकर गैस आपूर्ति करना संभव नहीं है और गैस वाहन केवल मुख्य सड़क मार्ग तक ही जाएगा। जबकि ग्राम नावेतल्ली मुख्य सड़क से करीब ढाई किलोमीटर संपर्क मार्ग पर स्थित है और पूर्व में गैस वाहन नियमित रूप से गांव तक पहुंचता रहा है।
गांववासियों ने जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल तथा गैस एजेंसी प्रबंधन से मांग की है कि पहले की तरह गांव में नियमित गैस आपूर्ति बहाल की जाए, ताकि ग्रामीणों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
