जनसेवा और राष्ट्रसेवा के लिए पद्मभूषण से सम्मानित हुए भगत सिंह कोश्यारी
नई दिल्ली 25 मई। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल, प्रख्यात समाजसेवी, शिक्षाविद्, पत्रकार और समर्पित राष्ट्रवादी नेता भगत सिंह कोश्यारी को सोमवार को देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में शामिल पद्मभूषण से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य नागरिक अलंकरण समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।
देश के सार्वजनिक जीवन, राजनीति, शिक्षा, समाजसेवा और राष्ट्र निर्माण में लंबे समय तक दिए गए उनके योगदान को देखते हुए केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कारों में उनके नाम की घोषणा की थी। सोमवार को आयोजित समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट हस्तियों के साथ उन्हें भी सम्मानित किया गया।
उत्तराखंड की राजनीति में “भगत दा” के नाम से लोकप्रिय भगत सिंह कोश्यारी का सार्वजनिक जीवन पांच दशक से अधिक समय तक सक्रिय रहा है। उन्होंने शिक्षक, पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपने जीवन की शुरुआत की और बाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा भारतीय जनता पार्टी के माध्यम से सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उत्तराखंड राज्य गठन आंदोलन के दौर में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही। राज्य गठन के बाद वे उत्तराखंड के दूसरे मुख्यमंत्री बने। इसके अतिरिक्त वे विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष, राज्यसभा सदस्य और नैनीताल-ऊधमसिंह नगर लोकसभा सीट से सांसद भी रहे। वर्ष 2019 से 2023 तक उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में कार्य किया तथा कुछ समय तक गोवा के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला।
राजनीति के साथ-साथ शिक्षा और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में भी भगत सिंह कोश्यारी का विशेष योगदान माना जाता है। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा के प्रसार, युवाओं के मार्गदर्शन और राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पत्रकारिता से जुड़े रहने के दौरान उन्होंने सामाजिक सरोकारों और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
पद्मभूषण सम्मान मिलने पर उत्तराखंड सहित देशभर में उनके समर्थकों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों में खुशी की लहर है। विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने इसे उत्तराखंड और पर्वतीय समाज के लिए गौरव का क्षण बताया है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद भगत सिंह कोश्यारी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उन सभी कार्यकर्ताओं और राष्ट्रसेवियों का सम्मान है जिन्होंने समाज और देश के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य किया है।
