जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने संभाला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और सैन्य मामलों के विभाग के सचिव का कार्यभार

नई दिल्ली, 1 जून (पीआईबी)। जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि, पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम, वीएसएम ने 31 मई 2026 को देश के तीसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) तथा सैन्य मामलों के विभाग (डीएमए) के सचिव का कार्यभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के बाद उन्होंने अपने पूर्ववर्तियों के नेतृत्व और योगदान को नमन करते हुए उनके कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।

जनरल सुब्रमणि ने देशवासियों द्वारा सशस्त्र सेनाओं पर जताए गए विश्वास के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाने के लिए सभी हितधारकों के साथ ‘समग्र राष्ट्र दृष्टिकोण’ के तहत मिलकर कार्य किया जाएगा। उन्होंने सशस्त्र सेनाओं में संयुक्तता, एकीकरण और बेहतर समन्वय को बढ़ावा देने के साथ ही आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु स्वदेशी हथियार प्रणालियों के तीव्र विकास, अधिष्ठापन और समावेशन पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
उन्होंने विचार और कार्य दोनों स्तरों पर नवाचार को आवश्यक बताते हुए क्षमता विकास और सैन्य आधुनिकीकरण के लिए सभी संबंधित पक्षों के बीच अधिक सहयोग का आह्वान किया। सीडीएस ने सशस्त्र सेनाओं के अधिकारियों और जवानों की पेशेवर दक्षता तथा परिचालन तत्परता की सराहना करते हुए उनके प्रशिक्षण को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के कल्याण को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
कार्यभार ग्रहण करने के बाद जनरल सुब्रमणि ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय समर स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। इसके पश्चात दक्षिण ब्लॉक परिसर में उन्हें तीनों सेनाओं की ओर से संयुक्त गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रदान किया गया।
चार दशक से अधिक लंबे सैन्य अनुभव वाले जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि भारतीय सेना के अत्यंत सम्मानित और अलंकृत अधिकारी हैं। उन्हें दिसंबर 1985 में गढ़वाल राइफल्स में कमीशन प्राप्त हुआ था। अपने सैन्य जीवन में उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण कमान और स्टाफ नियुक्तियों का दायित्व निभाया है। इनमें द्वितीय कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग, मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ तथा थल सेना के उप प्रमुख (वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ) जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। सीडीएस का कार्यभार संभालने से पूर्व वह राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के रूप में सेवाएं दे रहे थे।
