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डोली में दूर अस्पताल पहुंची प्रसूता, एरेठा गांव की सड़क आज भी अधूरी उम्मीद

 

हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट-
देवाल/थराली, 7 जून। विकासखंड देवाल की ओडर ग्राम पंचायत के अनुसूचित जाति बहुल एरेठा गांव में सड़क सुविधा के अभाव ने एक बार फिर ग्रामीणों की पीड़ा उजागर कर दी। रविवार को प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक महिला को ग्रामीणों ने डंडी-कंडी (डोली) के सहारे कई किलोमीटर पैदल चलकर अस्पताल पहुंचाया। राहत की बात यह रही कि महिला ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल में एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया और जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।
जानकारी के अनुसार एरेठा निवासी 34 वर्षीय गम्मोती देवी, पत्नी प्रकाश राम, को रविवार सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई। गांव तक सड़क न होने के कारण ग्रामीणों ने उन्हें डंडी-कंडी के सहारे करीब पांच से छह किलोमीटर पैदल मार्ग पार कर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल पहुंचाया। दोपहर में महिला ने स्वस्थ नवजात को जन्म दिया। चिकित्सकों के अनुसार मां और शिशु दोनों की स्थिति सामान्य है।
ओडर ग्राम प्रधान प्रेमा देवी ने बताया कि एरेठा गांव अनुसूचित जाति बाहुल्य तोक है, जहां 60 से अधिक परिवार निवास करते हैं और आबादी लगभग 250 है। गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित है तथा निकटतम मोटर मार्ग पांच से छह किलोमीटर दूर है।
उन्होंने बताया कि देवाल-पदमला-कंजेरू-एरेठा-ओडर मोटर मार्ग के लगभग आठ किलोमीटर लंबे निर्माण कार्य को 15 दिसंबर 2021 को स्वीकृति मिल चुकी थी, लेकिन आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
भाजपा के ओडर बूथ प्रभारी राजेंद्र टम्टा के अनुसार पदमला क्षेत्र में भूमि विवाद तथा कुछ किसानों की आपत्तियों के कारण सड़क निर्माण कार्य अटका हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत करीब एक वर्ष पूर्व मार्ग का पुनः सर्वेक्षण भी किया गया था, लेकिन उसके बाद भी कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।
ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय समन्वय की कमी के कारण सड़क निर्माण वर्षों से अधर में लटका हुआ है। लोक निर्माण विभाग का कहना है कि अब सड़क का निर्माण पीएमजीएसवाई के माध्यम से किया जाना है, जबकि पीएमजीएसवाई अधिकारियों के अनुसार वन भूमि संबंधी स्वीकृतियां एवं अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही सड़क कटिंग का कार्य शुरू किया जा सकेगा।
रविवार की यह घटना एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों के दूरस्थ गांवों में मूलभूत सुविधाओं के अभाव की हकीकत सामने लाती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क न होने के कारण बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को आज भी जान जोखिम में डालकर अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। उन्होंने शासन-प्रशासन से एरेठा गांव तक शीघ्र सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है।

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