सुशासन, समानता और महिला आरक्षण पर छात्रों ने रखे प्रभावी विचार, प्रतियोगिताओं में निखरी प्रतिभा

पोखरी, 12 जून (राणा)। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नागनाथ पोखरी के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा विद्यार्थियों के बौद्धिक, रचनात्मक एवं व्यक्तित्व विकास के उद्देश्य से निबंध, पोस्टर एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए समसामयिक विषयों पर अपने विचारों और रचनात्मक कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
निबंध प्रतियोगिता का विषय ‘सुशासन’ रखा गया। प्रतियोगिता में एमए द्वितीय सेमेस्टर की खुशी बर्तवाल ने प्रथम, बीए द्वितीय सेमेस्टर की प्रिया ने द्वितीय तथा बीए चतुर्थ सेमेस्टर की काजल भट्ट ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
‘समानता एवं न्याय’ विषय पर आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने आकर्षक एवं संदेशपरक पोस्टरों के माध्यम से सामाजिक सरोकारों को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त किया। प्रतियोगिता में एमए चतुर्थ सेमेस्टर की नेहा नेगी प्रथम, बीए चतुर्थ सेमेस्टर के शिवम पंत द्वितीय तथा शिवानी तृतीय स्थान पर रहीं।
वहीं, ‘महिला आरक्षण’ विषय पर आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने पक्ष और विपक्ष में तार्किक एवं तथ्यपरक तर्क प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में एमए चतुर्थ सेमेस्टर की प्रिया ने प्रथम, एमए द्वितीय सेमेस्टर की अर्चना ने द्वितीय तथा भरत लाल ने तृतीय स्थान हासिल किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रीटा शर्मा ने विद्यार्थियों को प्रतियोगिताओं में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया तथा समसामयिक विषयों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. शाज़िया सिद्दीकी ने प्रतियोगिताओं की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में चिंतन, अभिव्यक्ति, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक संवेदनशीलता का विकास करते हैं।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. रामानन्द उनियाल ने किया, जबकि प्रतियोगिताओं का मूल्यांकन डॉ. शशि चौहान एवं डॉ. कीर्ति गिल ने किया। विभाग की ओर से भविष्य में भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु ऐसे शैक्षणिक एवं रचनात्मक कार्यक्रमों के आयोजन की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
इस अवसर पर डॉ. जगजीत सिंह, डॉ. अभय कुमार श्रीवास्तव सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक एवं प्राध्यापिकाएं उपस्थित रहे।
