Front Page

जसपाल राणा के निधन पर शोक की लहर, प्रधानमंत्री से लेकर विभिन्न नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

 

देहरादून, 12 जून। पद्मश्री से सम्मानित एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त निशानेबाज जसपाल राणा के आकस्मिक निधन पर देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनके निधन को खेल जगत और राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जसपाल राणा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनका निधन भारतीय खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि जसपाल राणा ने निशानेबाजी में अपनी असाधारण उपलब्धियों से देश को विश्व स्तर पर गौरवान्वित किया। प्रधानमंत्री ने युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देने और उन्हें नई दिशा प्रदान करने में उनकी भूमिका को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि उत्कृष्टता, अनुशासन और खेलों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता उन्हें सदैव यादगार बनाए रखेगी।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि जसपाल राणा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश को सम्मान दिलाने के साथ-साथ एक कोच के रूप में युवा निशानेबाजों को प्रशिक्षित कर भारत को निशानेबाजी की अजेय शक्ति बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि उनका निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति है। गृह मंत्री ने शोक संतप्त परिवार और उनके लाखों प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जसपाल राणा ने अपनी अद्वितीय प्रतिभा, कठिन परिश्रम और उल्लेखनीय उपलब्धियों से न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश का नाम विश्व पटल पर रोशन किया। उन्होंने कहा कि निशानेबाजी के क्षेत्र में उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा तथा उन्होंने अनेक युवा खिलाड़ियों को खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित और मार्गदर्शित किया। मुख्यमंत्री ने उनके निधन को खेल जगत, उत्तराखंड और राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल ने भी जसपाल राणा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनका असमय निधन प्रदेश और देश दोनों के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि निशानेबाजी में देश का मान-सम्मान बढ़ाने तथा युवा प्रतिभाओं को प्रेरित करने में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। गोदियाल ने कहा कि उनका निधन केवल खेल जगत ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए गहरे दुःख का विषय है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों और शुभचिंतकों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

जसपाल राणा को देश के सर्वश्रेष्ठ निशानेबाजों में गिना जाता था। उन्होंने अपने शानदार खेल करियर और प्रशिक्षक के रूप में योगदान से भारतीय निशानेबाजी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके निधन से खेल जगत ने एक महान खिलाड़ी, प्रेरक व्यक्तित्व और समर्पित मार्गदर्शक को खो दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!