सीएचसी थराली में जली सरकारी दवाओं के मामले की जांच शुरू
परिसर में मिला एक्सपायरी दवाओं का नया जखीरा
थराली, (हरेंद्र बिष्ट)। चमोली जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) थराली परिसर में बीते दिनों सरकारी दवाओं को जलाए जाने के मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हो गए थे। अब मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. अभिषेक गुप्ता के निर्देश पर गठित जांच टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान टीम को अस्पताल परिसर में एक कमरे में बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाएं और मास्क रखे होने के संकेत मिले हैं, जिससे मामला और अधिक गंभीर होता दिखाई दे रहा है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व सीएचसी थराली परिसर में सरकारी दवाओं को जलाए जाने का मामला सार्वजनिक हुआ था। इस प्रकरण को लेकर समाचार पत्रों और सोशल मीडिया में व्यापक चर्चा हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ डॉ. अभिषेक गुप्ता ने उप जिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग के अधीक्षक डॉ. भगवती प्रसाद पुरोहित की अध्यक्षता में दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था।
सोमवार को जांच समिति के अध्यक्ष डॉ. पुरोहित तथा समिति के दूसरे सदस्य एवं कर्णप्रयाग चिकित्सालय के मुख्य फार्मासिस्ट अनिल मिश्रा सीएचसी थराली पहुंचे। टीम ने दवाओं के स्टॉक रजिस्टर सहित अन्य अभिलेखों का गहन निरीक्षण किया। इसके बाद उस स्थान का भी निरीक्षण किया गया, जहां कथित रूप से सरकारी दवाओं को जलाया गया था।
जांच के दौरान अस्पताल परिसर स्थित चिकित्सकों के सरकारी आवास के एक कमरे की खिड़की से बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाएं और मास्क रखे दिखाई दिए। जांच दल ने खिड़की से ही इनकी तस्वीरें लीं, लेकिन कमरे को न तो खुलवाया गया और न ही सील किया गया। इससे मामले को लेकर विभिन्न प्रकार की आशंकाएं और सवाल उठने लगे हैं।
जांच समिति के अध्यक्ष एवं कर्णप्रयाग चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. भगवती प्रसाद पुरोहित ने बताया कि मुख्य चिकित्साधिकारी ने उन्हें मामले की गहन जांच कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच की जा चुकी है और आवश्यकता पड़ने पर समिति दोबारा सीएचसी थराली पहुंचकर जांच के विभिन्न पहलुओं को जोड़ने और तथ्यों की पुष्टि करने का प्रयास करेगी।
उन्होंने बताया कि एक सप्ताह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सीएमओ चमोली को सौंप दी जाएगी। इसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई मुख्य चिकित्साधिकारी स्तर से की जाएगी।
