ग्वालदम में कूड़ा निस्तारण पर मंथन, खुले में अजैविक कचरा फेंकने वालों पर होगी कार्रवाई

–हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट-
थराली/ग्वालदम, 24 जून। गढ़वाल और कुमाऊं की मध्यस्थली तथा प्रमुख पर्यटन नगरी ग्वालदम में कूड़ा निस्तारण की समस्या के समाधान को लेकर बुधवार को तहसील कार्यालय थराली में उपजिलाधिकारी यशवीर सिंह रावत की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में दुकानदारों और स्थानीय प्रतिनिधियों को चेतावनी दी गई कि यदि किसी ने अजैविक कचरा खुले में या सड़कों के किनारे फेंका तो उसके विरुद्ध चालानी एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में ग्राम पंचायत ग्वालदम, वन विभाग, नगर पंचायत थराली तथा एसएसबी ग्वालदम के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मध्य पिंडर रेंज के वन दरोगा खिमानंद खंडूरी ने बताया कि वर्तमान में ग्वालदम बाजार का कचरा ग्वालदम-नंदकेसरी मोटर मार्ग पर वन विभाग की भूमि में डाला जा रहा है, जिससे वन संपदा को नुकसान पहुंच रहा है। इसके अलावा कचरे के कारण आसपास के पेयजल स्रोतों के प्रदूषित होने का भी खतरा बढ़ गया है।
ग्राम प्रधान हेमलता गड़िया ने कहा कि ग्वालदम में डंपिंग जोन न होने के कारण बाजार क्षेत्र का कचरा मजबूरी में सड़क किनारे डाला जा रहा है। उन्होंने स्थायी डंपिंग जोन के निर्माण की मांग उठाई। साथ ही क्षेत्र में बढ़ती आवारा पशुओं की समस्या की ओर भी प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।
उपजिलाधिकारी यशवीर सिंह रावत ने कहा कि बाजार क्षेत्र से निकलने वाले जैविक कचरे का निस्तारण व्यापारियों को स्वयं करना होगा, जबकि पॉलिथीन, प्लास्टिक बैग, थैलियों और अन्य प्लास्टिक सामग्री जैसे अजैविक कचरे को दुकानदार अपनी दुकानों में अलग से एकत्र करेंगे। उन्होंने बताया कि सप्ताह में कम से कम तीन दिन विकासखंड कार्यालय थराली से कूड़ा वाहन ग्वालदम पहुंचेगा और अजैविक कचरे को एकत्र कर नगर पंचायत थराली को सौंपेगा, जहां उसका पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) किया जाएगा।
एसडीएम ने स्पष्ट किया कि कोई भी दुकानदार यदि अजैविक कचरा खुले में फेंकता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ग्राम प्रधान से व्यापारियों एवं ग्रामीणों की बैठक आयोजित कर वैज्ञानिक तरीके से कचरा निस्तारण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का आग्रह किया तथा प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
बैठक में एसएसबी ग्वालदम के सब-इंस्पेक्टर रणजीत सिंह बिष्ट ने बताया कि कैंप परिसर में जैविक एवं अजैविक कचरे के निस्तारण के लिए गड्ढे बनाए गए हैं, लेकिन प्लास्टिक और अन्य अजैविक कचरा नष्ट नहीं होने के कारण समस्या उत्पन्न हो रही है। इस पर एसडीएम ने निर्देश दिए कि एसएसबी का अजैविक कचरा भी थराली से आने वाला कूड़ा वाहन एकत्र करेगा। इसके अलावा बाजार एवं एसएसबी क्षेत्र से निकलने वाली कांच की बोतलों को भी नगर पंचायत थराली द्वारा संग्रहित कर पुनर्चक्रण के लिए भेजा जाएगा।
आवारा पशुओं की समस्या पर चर्चा करते हुए उपजिलाधिकारी ने कहा कि नंदी पशु योजना के अंतर्गत स्थानीय लोगों को गो-सदन स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। इससे जहां आवारा पशुओं की समस्या का समाधान होगा, वहीं स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में ग्रामीणों को आवंटित खरक खातों में गौशालाएं बनाकर आवारा पशुओं को रखा जा सकता है।
बैठक में नगर पंचायत थराली के अधिशासी अधिकारी अकबीर सिंह, ग्राम विकास अधिकारी गंगा सिंह गुसाईं तथा नारायणबगड़ के एसडीओ (सांख्यिकी) कर्ण सिंह बिष्ट सहित अन्य अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
