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सीएचसी थराली की लापरवाही से प्रसूता और नवजात की मौत; परिजनों ने की जांच की मांग

-हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट-
थराली, 30 जून। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) थराली एक बार फिर विवादों में आ गया है। इस बार मामला कथित चिकित्सकीय लापरवाही से जुड़ा है, जिसमें एक गर्भवती महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सकों पर समय पर उपचार और रेफर न करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह थराली विकासखंड की ग्राम पंचायत कुराड़ के आफर तोक निवासी 35 वर्षीय सरिता देवी, पत्नी नरेंद्र कुमार, को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन सुबह करीब 8:30 बजे सीएचसी थराली लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के समय प्रसूता की स्थिति सामान्य थी, लेकिन अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ उपलब्ध न होने के बावजूद सामान्य चिकित्सक ने करीब 11 बजे उसकी जांच की और तत्काल हायर सेंटर रेफर करने के बजाय उसे लगभग 2 बजे तक अस्पताल में ही रखा।
परिजनों का कहना है कि इस दौरान प्रसव पीड़ा बढ़ती गई और प्रसूता की हालत लगातार बिगड़ती रही। उन्होंने कई बार चिकित्सकों से उसे उच्च केंद्र भेजने का आग्रह किया, लेकिन चिकित्सकों ने उसकी स्थिति सामान्य बताते हुए रेफर नहीं किया।
मृतका के भाई पप्पू ने आरोप लगाया कि दोपहर करीब 2 बजे जब प्रसूता की हालत गंभीर हो गई, तब उसे 108 एंबुलेंस से उप जिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग के लिए भेजा गया। उनका आरोप है कि एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर और पंखे जैसी आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं। रास्ते में नारायणबगड़ के समीप प्रसूता ने दम तोड़ दिया। कर्णप्रयाग अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने मां और गर्भस्थ शिशु दोनों को मृत घोषित कर दिया।
ग्राम प्रधान चमेली देवी ने बताया कि सरिता देवी अपने पीछे 15 वर्षीय पुत्र नितिन कुमार और 8 वर्षीय पुत्री पायल को छोड़ गई हैं। इस घटना से दोनों बच्चे बेसहारा हो गए हैं और पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
उधर, कर्णप्रयाग कोतवाली प्रभारी विनोद थपलियाल ने बताया कि मृतका के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग के प्रति लोगों में भारी नाराजगी है। स्थानीय लोगों और परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में सीएचसी थराली के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में तैनात डॉ. अमित रुद्र ने प्रसूता का परीक्षण किया था। अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ उपलब्ध न होने के कारण उसे हायर सेंटर रेफर किया गया। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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