गर्भवती महिला की मौत पर थराली सीएचसी में कांग्रेस का धरना, उच्चस्तरीय जांच और विशेषज्ञ चिकित्सकों की मांग
थराली, 1 जुलाई (हरेन्द्र बिष्ट)। कुराड़ गांव की गर्भवती महिला की 108 एम्बुलेंस में हुई मौत के मामले को लेकर बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) थराली में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच, कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार चिकित्सक एवं चिकित्सा कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई तथा सीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों की शीघ्र नियुक्ति की मांग की।
ज्ञात हो कि सोमवार को कुराड़ गांव निवासी गर्भवती महिला सरिता देवी को सीएचसी थराली से कर्णप्रयाग रेफर किया गया था। परिजनों का आरोप है कि महिला की गंभीर स्थिति के बावजूद उसे समय रहते रेफर नहीं किया गया। उनका कहना है कि चिकित्सकों से लगातार आग्रह करने के बाद भी अस्पताल प्रशासन ने देरी की और जब हालत अत्यधिक बिगड़ गई, तब उसे रेफर किया गया। कर्णप्रयाग ले जाते समय नारायणबगड़ के समीप 108 एम्बुलेंस में ही जच्चा-बच्चा दोनों की मृत्यु हो गई।
इस घटना से आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व विधायक डॉ. जीतराम, ब्लॉक प्रमुख प्रवीण पुरोहित तथा नगर पंचायत अध्यक्ष सुनीता रावत के नेतृत्व में सीएचसी परिसर में नारेबाजी करते हुए धरना दिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस संवेदनशील मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषी चिकित्सा कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, लंबे समय से विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे सीएचसी थराली में आवश्यक विशेषज्ञ डॉक्टरों की तत्काल तैनाती की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी तीन सूत्रीय मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरने में कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष विनोद रावत, जिला महामंत्री संदीप कुमार पटवाल, अब्बल सिंह गुसाईं, महेश उनियाल, मनोज चंदोला, नरेंद्र सिंह, हीरा चिनवान, ओमप्रकाश सोनियाल, गजेंद्र रावत सहित अनेक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
इस दौरान आंदोलनकारियों ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन भी प्रेषित कर मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
