राड़ी के ग्रामीणों के विरोध से थराली-कुराड़-पार्था मोटरमार्ग खोलने का कार्य फिर रुका

थराली, 13 जुलाई (हरेन्द्र बिष्ट)। बीते शुक्रवार-शनिवार की रात हुई भारी बारिश से विकासखंड थराली के अंतर्गत थराली-कुराड़-पार्था मोटरमार्ग के किलोमीटर दो पर घांघली गधेरे में भारी मात्रा में मलबा, पत्थर, बोल्डर और पेड़ आने से सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) थराली ने मार्ग खोलने का प्रयास किया, लेकिन सड़क के नीचे बसे राड़ी गांव के ग्रामीणों के विरोध के कारण कार्य पूरा नहीं हो सका।
सोमवार को लोनिवि के अधिशासी अभियंता मनीष डोगरा ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से वार्ता की। ग्रामीणों ने बिना पर्याप्त सुरक्षा उपायों के सड़क खोलने पर आपत्ति जताई और कहा कि इससे तलहटी में बसे परिवारों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इस पर अधिशासी अभियंता ने भूस्खलन प्रभावित हिस्से में वायर क्रेट (तार जाल) लगाने तथा आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने अस्थायी रूप से सड़क खोलने की अनुमति दे दी।
ईई मनीष डोगरा ने बताया कि भूस्खलन प्रभावित गधेरे में वायर क्रेट लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। साथ ही जेसीबी, टिपर सहित अन्य मशीनरी भी मौके पर तैनात कर दी गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मंगलवार देर शाम तक सड़क को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
हालांकि, दोपहर बाद राड़ी के ग्रामीणों ने एक बार फिर कार्य रुकवा दिया। उनका कहना है कि केवल अस्थायी व्यवस्था पर्याप्त नहीं है और क्षतिग्रस्त हिस्से पर स्थायी सुरक्षा कार्य किए जाने के बाद ही सड़क खोली जानी चाहिए। समाचार लिखे जाने तक सड़क खोलने का कार्य बंद था।
वार्ता के दौरान ग्राम प्रधान दिनेश बिष्ट, ग्राम प्रधान गुमड़ मंजू देवी, दलबीर सिंह पिमोली, क्षेत्र पंचायत सदस्य दयाकृष्ण देवराड़ी, जगदीश पंत, दिनेश पंत, नरेंद्र बिष्ट, शशांक देवराड़ी सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
