गंगा संरक्षण की समीक्षा: सभी एसटीपी की होगी 24×7 निगरानी, एक माह में तैयार होगी रियल टाइम मॉनिटरिंग व्यवस्था
देहरादून, 13 जुलाई। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में राज्य गंगा समिति की 19वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में गंगा संरक्षण, सीवरेज प्रबंधन और उपचार संयंत्रों (एसटीपी) की निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने राज्य गंगा समिति तथा जनपद गंगा समितियों की बैठकें निर्धारित समय-सीमा के भीतर नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्टेट मिशन फॉर क्लीन गंगा (एसपीएमजी) मुख्यालय स्तर पर परियोजनाओं की सतत निगरानी के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने को कहा।
उन्होंने प्रदेश के सभी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की 24×7 निगरानी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। इसके तहत प्रत्येक एसटीपी के इनलेट और आउटलेट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही जिला एवं राज्य स्तर पर सभी एसटीपी की रियल टाइम मॉनिटरिंग प्रणाली अगले एक माह के भीतर तैयार करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूकेपीसीबी) को औचक निरीक्षण कर एसटीपी की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य सचिव ने गंगा और उसकी सहायक नदियों के किनारे बसे प्रमुख शहरों—हरिद्वार, रुड़की, ऋषिकेश और देहरादून—में सीवरेज नेटवर्क का विस्तार करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने एसटीपी से निकलने वाले उपचारित जल का सुरक्षित उपयोग सिंचाई और औद्योगिक कार्यों में बढ़ाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में सचिव रणवीर सिंह चौहान, विशेष सचिव एवं सदस्य सचिव यूकेपीसीबी डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव रोहित मीणा सहित विभिन्न जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।
