क्षेत्रीय समाचार

एम्बुलेंस में गर्भवती की मौत के मामले में कार्रवाई न होने पर परिजनों का सीएचसी थराली में धरना

थराली, 7 अगस्त (हरेन्द्र बिष्ट)। एम्बुलेंस में गर्भवती महिला की मौत के मामले में अब तक जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई न होने से नाराज मृतका के पति ने अपने बच्चों और अन्य परिजनों के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) थराली में करीब तीन घंटे तक धरना दिया। मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा एक सप्ताह के भीतर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद धरना समाप्त कर दिया गया।
विकासखंड थराली के लेटाल गांव निवासी गर्भवती सरिता देवी की एम्बुलेंस में हुई मौत के मामले में अब तक जांच शुरू न होने से नाराज उनके पति नरेंद्र कुमार शुक्रवार को अपने दो नाबालिग बच्चों नितिन और नेहा, अपनी मां तथा अन्य परिजनों के साथ सीएचसी थराली पहुंचे और धरने पर बैठ गए।
नरेंद्र कुमार का आरोप है कि 29 जून को उनकी गर्भवती पत्नी की चिकित्सकीय लापरवाही के कारण एम्बुलेंस में मौत हो गई थी। घटना के बाद से वह लगातार निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक जांच शुरू नहीं की गई।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र जांच शुरू नहीं की गई तो वह परिवार सहित उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि धरना-प्रदर्शन के साथ ही आमरण अनशन जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
धरने की सूचना मिलने पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता ने मोबाइल फोन पर नरेंद्र कुमार से वार्ता की और एक सप्ताह के भीतर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद नरेंद्र कुमार ने धरना समाप्त कर दिया।
इस दौरान धारपट्टी संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रमोद सिंह, हरिनगर-लेटाल की प्रधान चमेली देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य दयाकृष्ण देवराड़ी (कुराड़), रविंद्र सिंह बिष्ट सहित अन्य लोगों ने मृतका के परिजनों को न्याय दिलाने की मांग करते हुए उपजिलाधिकारी थराली के माध्यम से एक ज्ञापन प्रेषित किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!