तारों के गुच्छे में उलझी गौचर की करोड़ों की पार्किंग, जनता को नहीं मिल रहा लाभ

गौचर, 7 अगस्त (दिग्पाल गुसाईं)। जनपद चमोली के गौचर नगर पालिका क्षेत्र में लंबे समय से पार्किंग की समस्या बनी हुई है। वाहन चालकों को मजबूरन अपने वाहन ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे खड़े करने पड़ते हैं। वहीं करीब 2.14 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पार्किंग जिला प्रशासन को हस्तांतरित होने के बावजूद अब तक आम जनता के लिए उपयोगी नहीं बन सकी है।
नगर क्षेत्र में पार्किंग के अभाव के कारण सड़क किनारे वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। इससे यातायात बाधित होने के साथ-साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। कई बार तेज रफ्तार ट्रकों की टक्कर से सड़क किनारे खड़े वाहनों को नुकसान पहुंचा है, जबकि राहगीर भी दुर्घटनाओं में घायल हुए हैं।
पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए सरकार ने जल निगम के माध्यम से गौचर हवाई पट्टी के प्रवेश द्वार के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग से सटी 2.14 करोड़ रुपये की लागत से पार्किंग का निर्माण कराया। जल निगम ने अप्रैल 2026 में यह पार्किंग जिला विकास प्राधिकरण को हस्तांतरित कर दी थी। इसके बावजूद अब तक इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।
स्थिति यह है कि पार्किंग के प्रवेश द्वार पर बिजली के तारों का गुच्छा लटक रहा है, जिससे कोई भी वाहन अंदर प्रवेश नहीं कर पा रहा है। नतीजतन करोड़ों रुपये की लागत से बनी पार्किंग शोपीस बनकर रह गई है।
जल निगम के अवर अभियंता नितिन नेगी ने बताया कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अप्रैल 2026 में पार्किंग जिला विकास प्राधिकरण को सौंप दी गई थी। वहीं प्राधिकरण के सहायक अभियंता अभिषेक का कहना है कि उनकी ओर से पार्किंग खोल दी गई है। जब उन्हें प्रवेश द्वार पर लटके तारों के कारण वाहनों के अंदर नहीं जा पाने की जानकारी दी गई, तो पहले उन्होंने इससे अनभिज्ञता जताई। बाद में उन्होंने कहा कि इस संबंध में कर्णप्रयाग स्थित अवर अभियंता को अवगत कराकर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक प्रवेश मार्ग की बाधा दूर नहीं की जाती, तब तक करोड़ों रुपये की यह पार्किंग जनता के किसी काम की नहीं है। उन्होंने प्रशासन से जल्द समस्या का समाधान कर पार्किंग को पूरी तरह संचालित करने की मांग की है।
