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एस.आई.आर. 2027 में फार्म 7 के दुरूपयोग की शिकायत पर 6 जिलाधिकारियों को कार्यवाही के आदेश

काशीपुर,  27 अगस्त। उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा फार्म 7 के दुरूपयोग करके मिथ्या फर्जी व बेनामी आपत्तियां लगाने की सूचना अधिकार व मानवाधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन एडवोकेट द्वारा की गयी शिकायत व सुझाव को संज्ञान में लेकर इसका परीक्षण कर प्रभावी कार्यवाही को 6 जिलों के जिलाधिकारियों एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया है। इसके साथ श्री नदीम द्वारा भेजी शिकायत व सुझाव सम्बन्धी पत्र की प्रति भी संलग्न की गयी है।
काशीपुर निवासी सूचना अधिकार व मानवाधिकार कार्यकर्ता, समाज सेवी तथा 45 कानूनी पुस्तकों के लेखक नदीम उद्दीन (एडवोकेट) ने एस.आइ.आर.2026 में फार्म 7 का दुरूपयोग करके गलत मिथ्या फर्जी व बेनामी आपत्तियां की प्रवृत्ति व घटनाआंे को रोकने के लिये शिकायत व सुझाव मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड को भेजकर इस पर प्रभावी कार्यवाही का अनुरोध किया था।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय उत्तराखंड के उपमुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड किशन सिंह नेगी ने उत्तराखंड में अधिक संख्या में आपत्तियों वाले 6 जिलों के जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को संबोधित पत्र संख्या 1416 दिनांक 20 अगस्त 2026 भेजकर श्री नदीम के पत्र में उल्लिखित बिन्दुओं का परीक्षण कर सम्बन्धित निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को दावे/आपत्तियोें की प्राप्ति एवं निस्तारण के कार्य में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950, निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण नियम 1960 तथा मैनुअल ऑफ इलैक्टोरल रोल्स 2023 के अन्तर्गत निर्धारित प्रक्रिया तथा आयोग द्वारा तद विषयक समय-समय पर जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन करने हेतु निर्देशित करने का निर्देश दिया गया है। इस पत्र की प्रति श्री नदीम को भी प्रेषित की गयी है। जिन जिलों के जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को उक्त पत्र भेजा गया है उसमें हरिद्वार, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, चम्पावत, नैनीताल तथा उधमसिंह नगर शामिल है।
श्री नदीम ने उनके पत्र का संज्ञान लेकर कार्यवाही को निर्देशित करने के लिये मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी.वी.आर. पुरूषोत्तम तथा उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी व अन्य सम्बन्धित अधिकारियों का आभार व धन्यवाद व्यक्त किया हैं तथा आशा व्यक्त की हैैं जिलो के सम्बन्धित अधिकारीगण उस पर कार्यवाही करके सभी पात्र नागरिकों के मताधिकार के संवैधानिक अधिकार का संरक्षण सुनिश्चित करेंगे।
श्री नदीम ने दिनांक 18 अगस्त 2026 को प्रेषित शिकायत व सुझाव में आपत्तिकर्ता से पुष्टि न होने वाली आपत्तियां निरस्त करने, पुष्टि वाली आपत्तियों की जांच में आपत्तिकर्ता से साक्ष्य मांगकर तथा जिस पर आपत्ति लगायी गयी है, उसे अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर देकर निर्णय लेने तथा फर्जी तथा बेनामी आपत्तियां लगाने वालों के विरूद्ध फौजदारी मुकदमें दर्ज कराने सहित प्रभावी कार्यवाही का अनुरोध किया है। श्री नदीम ने इस शिकायत व सुझाव में उन अपराधों का विवरण भी दिया है जो ऐसे फर्जी व बेनामी तथा गलत आपत्तियां लगाने वालांें के द्वारा किये गये है। इसमें लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31, आई.टी.एक्ट की धारा 66 सी, 66डी, भारतीय न्याय संहिता की धारा 61, 217, 221, 196(1), 229(2) तथा 336(4) के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध शामिल है।

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