Front Pageआपदा/दुर्घटना

हर जिले में तैयार होंगे 10 मास्टर ट्रेनर, व्यापक होगा आपदा प्रशिक्षण

एनआईडीएम के सहयोग से बनेगा वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर, अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ प्रशिक्षण संस्थानों को भी जोड़ा जाएगा

 

देहरादून, 19 सितम्बर। उत्तराखंड में आपदाओं से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास कार्यक्रम चलाए जाएंगे। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (एनआईडीएम) के सहयोग से पहले चरण में प्रत्येक जिले में 10 मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। राज्य स्तर पर भी प्रशिक्षकों का एक समूह गठित होगा, जो जिलों में प्रशिक्षण गतिविधियों का मार्गदर्शन करेगा।

एनआईडीएम के कार्यकारी निदेशक एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मधूप व्यास ने शनिवार को उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) का भ्रमण कर अधिकारियों के साथ प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास की भावी कार्ययोजना पर चर्चा की। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने उन्हें राज्य में संचालित आपदा प्रबंधन गतिविधियों की जानकारी दी। प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित और चरणबद्ध तरीके से संचालित करने के लिए वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार करने पर भी सहमति बनी।

व्यास ने कहा कि उत्तराखंड भूकंप, भूस्खलन, बाढ़, अतिवृष्टि, बादल फटने, हिमस्खलन और वनाग्नि जैसी प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील है। इसलिए आपदा आने के बाद प्रभावी प्रतिक्रिया के साथ उससे पहले की तैयारी मजबूत करना भी जरूरी है। प्रशिक्षण में आपदा जोखिम न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी, खोज एवं बचाव और आपातकालीन प्रतिक्रिया को प्रमुखता दी जाएगी।

भारतीय प्रशासनिक सेवा और प्रांतीय सिविल सेवा के अधिकारियों के लिए भी विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होंगे। विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके दायित्व के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि आपदा के समय विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।

प्रत्येक जिले के 10 मास्टर ट्रेनरों को विभिन्न प्रकार की आपदाओं से निपटने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद वे अपने जिलों में विभागीय कार्मिकों और अन्य हितधारकों को प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण के साथ मॉक ड्रिल और व्यावहारिक अभ्यासों पर भी जोर रहेगा।

सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थानीय आपदा जोखिमों और विभागीय आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किए जाएंगे। उद्देश्य ऐसी प्रशिक्षित मानव शक्ति तैयार करना है, जो आपदा से पहले तैयारी से लेकर राहत और पुनर्बहाली तक प्रभावी भूमिका निभा सके।

बैठक में प्रकाश चंद्र, डीआईजी राजकुमार नेगी, दिनेश कुमार पुनेठा, एसडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट शुभांक रतूड़ी, डॉ. पीडी माथुर और मोहित पूनिया सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!