टीएमयू में भगवान पुष्पदंत का मोक्ष कल्याणक श्रद्धा-भक्ति से मनाया गया
दशलक्षण महापर्व में पूजा-अर्चना, शांतिधारा और निर्वाण लाडू समर्पित, ‘उत्तम आर्जव’ पर सरल और निष्कपट जीवन का संदेश

मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय (टीएमयू) में जैन धर्म के दशलक्षण महापर्व के अवसर पर नौवें तीर्थंकर भगवान पुष्पदंत का मोक्ष कल्याणक श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। जिनालय में भगवान का अभिषेक, शांतिधारा, विशेष पूजा और आरती के साथ निर्वाण लाडू समर्पित किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने उत्तम शौच धर्म की भावना के अनुरूप लोभ त्यागकर मन, वचन और शरीर की पवित्रता का संकल्प लिया।
भगवान पुष्पदंत के मोक्ष कल्याणक पर निर्वाण लाडू समर्पित करने का सौभाग्य परी, मुकुल, मृदुल, आकृति, अनिमेष, मेरु और तरुण जैन को मिला। सम्मेद शिखरजी की भाव-वंदना करते हुए भी श्रद्धालुओं ने निर्वाण लाडू चढ़ाया।
भगवान का अभिषेक टीएमयू के पूर्व छात्र संकल्प, डॉ. आदित्य जैन, डॉ. विपिन जैन और डॉ. विनोद कुमार जैन ने स्वर्ण कलश से किया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने रजत और स्वर्ण झारी से शांतिधारा की। इशिका जैन ने तत्वार्थ सूत्र का भावपूर्ण वाचन किया। पंडित ऋषभ शास्त्री के सान्निध्य में नवदेवता पूजा, पुष्पदंत पूजा, सोलहकारण पूजा और दशलक्षण पूजा विधि-विधान से संपन्न हुई।
दशलक्षण महापर्व के ‘उत्तम आर्जव’ धर्म की व्याख्या करते हुए पंडित ऋषभ शास्त्री ने कहा कि मन, वचन और कर्म में एकरूपता ही आर्जव है। व्यक्ति के विचार, वाणी और व्यवहार में अंतर नहीं होना चाहिए। छल, कपट, दिखावे और मायाचारी से मुक्त होकर सरल, ईमानदार और निष्कपट जीवन जीना ही उत्तम आर्जव धर्म का मूल संदेश है। उन्होंने कहा कि कथनी और करनी का अंतर समाप्त कर पारदर्शिता और सरलता अपनाना आज के समय में और भी महत्वपूर्ण है।
संध्या में मैनेजमेंट कॉलेज के डीन और संकाय सदस्यों ने दिव्य घोष के साथ श्रीजी की आरती जिनालय से रिद्धि-सिद्धि भवन पहुंचाई। यहां सामूहिक आरती हुई तथा अक्षिता और रिश्ता ने भक्तामर स्तोत्र का पाठ किया।
टीएमयू सभागार में टीएमआईएमटी कॉलेज के विद्यार्थियों ने ‘अहिच्छत्र में भगवान पार्श्वनाथ की महिमा’ विषय पर सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। इसमें भगवान पार्श्वनाथ की तपस्या, कमठ के उपसर्ग और धरणेंद्र-पद्मावती द्वारा उनकी रक्षा के प्रसंग का मंचन किया गया।
इस अवसर पर अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को विदाई दी गई और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कुलाधिपति सुरेश जैन, वीना जैन, ग्रुप वाइस चेयरमैन मनीष जैन, कुलपति प्रो. वी.के. जैन, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अक्षत जैन सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, संकाय सदस्य और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
