एचएनबीजीयू में कृषि-स्टार्टअप सम्मेलन, सहयोग और साझेदारी बढ़ाने पर जोर

श्रीनगर (गढ़वाल), 23 सितम्बर। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय (एचएनबीजीयू), श्रीनगर में मंगलवार को राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान (मैनेज), हैदराबाद के सहयोग से ‘कृषि-स्टार्टअप हितधारक संपर्क : सहयोग एवं साझेदारी को बढ़ावा’ विषय पर सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें कृषि उद्यमिता, नवाचार, कृषि व्यवसाय और ग्रामीण विकास की संभावनाओं के साथ विभिन्न संस्थानों और हितधारकों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों, कृषि विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं और उद्यमियों ने भाग लिया। कृषि एवं संबद्ध विज्ञान के निदेशक एवं डीन प्रो. आरएस नेगी ने आयोजन और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाने में समन्वय किया। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. प्रकाश सिंह विशिष्ट अतिथि और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मैनेज के निदेशक (कृषि विस्तार) एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सरवनन राज ने कृषि-स्टार्टअप, कृषि व्यवसाय, किसान उत्पादक संगठनों, प्रशिक्षण, कृषि विस्तार और उद्यमिता के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से नवीन विचारों को केवल शैक्षणिक स्तर तक सीमित न रखकर व्यावहारिक उद्यमों में बदलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इससे रोजगार सृजन के साथ किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। स्थानीय समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान में नई तकनीक और उद्यमिता का उपयोग किया जाना चाहिए।
बिरला परिसर के निदेशक प्रो. हरिभजन सिंह चौहान ने कृषि विस्तार और संस्थागत सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों तक नई तकनीक, ज्ञान और नवाचार पहुंचाने के लिए विभिन्न संस्थानों के बीच प्रभावी समन्वय जरूरी है।
उद्यमी गोविंद सिंह धामी ने ग्रामीण उद्यमिता और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में होमस्टे, स्थानीय व्यंजन, संस्कृति, पारंपरिक उत्पाद और स्थानीय अनुभवों को पर्यटन से जोड़कर युवाओं के लिए स्वरोजगार और आय के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
सम्मेलन में भौगोलिक संकेतक प्राप्त उत्पादों, जैविक कृषि, जलवायु परिवर्तन, कृषि उत्पादों के भंडारण एवं प्रसंस्करण, सरकारी सहायता, किसान उद्यमिता और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को अपने आसपास उपलब्ध प्राकृतिक और स्थानीय संसाधनों की पहचान कर ग्रामीण समस्याओं को नवाचार आधारित व्यावसायिक अवसरों में बदलने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में सशस्त्र सीमा बल श्रीनगर के उपमहानिरीक्षक सुभाष चंद्र नेगी, डॉ. अजीत नेगी और डॉ. डीके राणा सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से कृषि उद्यमिता और स्टार्टअप से जुड़े विषयों पर संवाद किया तथा अपने विचार साझा किए। समापन पर अतिथियों और प्रतिभागियों को स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
