फिल्म शूटिंग से उत्तराखंड में 1759 करोड़ का कारोबार
देहरादून, 23 सितम्बर। प्राकृतिक सौंदर्य के लिए देश-दुनिया में पहचान रखने वाला उत्तराखंड अब फिल्म शूटिंग के प्रमुख केंद्र के रूप में भी उभर रहा है। राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार पांच साल से भी कम समय में फिल्म शूटिंग से प्रदेश में करीब 1,759 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है। इसमें होटल, परिवहन, स्थानीय रोजगार, कलाकारों और अन्य सेवाओं से जुड़ी आर्थिक गतिविधियां शामिल हैं।
आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 में फिल्म शूटिंग से प्रदेश में 379.75 करोड़ रुपये, 2023-24 में 332.01 करोड़, 2024-25 में सर्वाधिक 531.62 करोड़ और 2025-26 में 420.72 करोड़ रुपये का निवेश अथवा खर्च दर्ज किया गया। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 19 सितम्बर तक यह आंकड़ा 95.52 करोड़ रुपये रहा। इस तरह इस अवधि में कुल कारोबार 1,759.62 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
सरकार का मानना है कि फिल्म नीति-2024 लागू होने के बाद उत्तराखंड को केवल शूटिंग स्थल के बजाय फिल्म निर्माण के समग्र केंद्र के रूप में विकसित करने का आधार मजबूत हुआ है। नीति में शूटिंग की अनुमति के लिए एकल खिड़की व्यवस्था के साथ अनुदान, फिल्म पुरस्कार, प्रशिक्षण, छात्रवृत्ति और फिल्म निर्माण के बाद की तकनीकी सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों को अधिक अवसर देने पर भी जोर दिया गया है।
प्रदेश में फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए पात्र फिल्मों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच 52 फिल्मों को अनुदान दिया गया। इनमें हिंदी के साथ गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी तथा उत्तराखंड की अन्य भाषाओं में बनी फिल्में शामिल हैं। अकेले 2025-26 में 25 फिल्मों को अनुदान मिला। वर्ष 2019-20 से 2025-26 के बीच प्रदेश में 1,440 से अधिक फिल्मों की शूटिंग और अनापत्ति प्रमाणपत्र से संबंधित गतिविधियां दर्ज की गईं।
नई नीति के तहत पहली बार उत्तराखंड फिल्म पुरस्कार-2024 और 2025 भी आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें प्रदेश में निर्मित अथवा फिल्मांकित फिल्मों के साथ स्थानीय भाषाओं-बोलियों और भारतीय भाषाओं की फिल्मों, कलाकारों, तकनीशियनों तथा अन्य रचनात्मक प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा।
फिल्म शूटिंग का आर्थिक असर स्थानीय स्तर पर भी दिखाई देता है। शूटिंग दलों के ठहरने से होटल और होमस्टे कारोबार, कलाकारों एवं तकनीकी दलों की आवाजाही से परिवहन सेवाओं और शूटिंग स्थलों पर विभिन्न व्यवस्थाओं से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है। स्थानीय कलाकारों, गाइडों और तकनीकी कर्मियों के लिए भी अवसर पैदा होते हैं। फिल्मों और वेब श्रृंखलाओं में दिखाई देने वाले स्थानों को पर्यटन के लिहाज से भी नई पहचान मिलने की संभावना रहती है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुसार राज्य की प्राकृतिक सुंदरता और भौगोलिक विविधता फिल्म शूटिंग के लिए अनुकूल है। सरकार शूटिंग अनुमति की प्रक्रिया सरल बनाने और फिल्म निर्माताओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ फिल्म निर्माण से स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का दायरा बढ़ाने पर काम कर रही है।
