तीन दिन पर्यटन के रंग में रंगेगा गढ़वाल विश्वविद्यालय, 25 से ‘टूरो फेस्ट-26
श्रीनगर (गढ़वाल), 23 सितम्बर। विश्व पर्यटन दिवस के उपलक्ष्य में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर माउंटेन टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी स्टडीज (सीएमटीएचएस) में 25 से 27 सितम्बर तक तीन दिवसीय पर्यटन उत्सव ‘टूरो फेस्ट-26’ आयोजित किया जाएगा। इसमें राष्ट्रीय संगोष्ठी, विभिन्न रचनात्मक प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ पर्यटन क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान करने वालों को सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम की शुरुआत 25 सितम्बर को पर्यटन एवं व्यापार प्रबंधन संकाय की संकायाध्यक्ष प्रो. रश्मि ढौंडी के निर्देशन में राष्ट्रीय संगोष्ठी से होगी। इसका उद्घाटन प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज करेंगे। संगोष्ठी में पर्यटन के समकालीन विषयों, नवाचार, तकनीकी विकास तथा सतत और उत्तरदायी पर्यटन की संभावनाओं एवं चुनौतियों पर विशेषज्ञ विचार रखेंगे।
दूसरे दिन 26 सितम्बर को विद्यार्थियों के लिए रंगोली, फेस पेंटिंग, पोस्टर निर्माण, कला एवं शिल्प, बुके निर्माण और खाद्य उत्सव सहित विभिन्न रचनात्मक एवं कौशल आधारित प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इनके माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यटन से जुड़े अपने कौशल और रचनात्मक प्रतिभा के प्रदर्शन का अवसर मिलेगा।
विश्व पर्यटन दिवस पर 27 सितम्बर को विश्वविद्यालय के स्वामी मन्मथन सभागार में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ उत्सव का समापन होगा। इसमें नृत्य, गायन, कविता पाठ, शायरी और मॉडलिंग सहित विभिन्न प्रस्तुतियां होंगी। समापन समारोह में लेखक गांव की निदेशक एवं युवा समाजसेविका विदुषी निशंक विशिष्ट अतिथि होंगी।
इस दौरान सामाजिक सहभागिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों, संगठनों और संस्थाओं को सीएमटीएचएस का वार्षिक ‘सैर सलीका पुरस्कार’ प्रदान किया जाएगा। विभाग की पुस्तक ‘ए फील्ड गाइड टू कम्युनिटी पार्टिसिपेशन इन टूरिज्म’ के साथ ‘इंटरनेशनल जर्नल ऑफ टूरिज्म’ और ‘हिमालयन टूरिज्म मैगजीन’ के नवीन अंकों का भी विमोचन होगा।
विश्व प्रसिद्ध ट्रैवल एवं टूर ऑपरेशन कंपनी ‘सीटा’ में चयनित सीएमटीएचएस के दो पूर्व विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया जाएगा। केंद्र के निदेशक प्रो. राकेश कुमार ढौंडी के निर्देशन में आयोजित उत्सव का उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यटन की नई संभावनाओं, उद्यमिता, सामाजिक सहभागिता और सतत पर्यटन से जोड़ना है। आयोजन को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह का सहयोग और प्रोत्साहन प्राप्त है।
