20 दिन बाद नंदा सिद्धपीठ कुरूड़ में बड़ी जात यात्रा का भव्य समापन

-हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट-
थराली/नंदाधाम कुरूड़, 23 सितम्बर। श्री नंदा देवी बड़ी जात यात्रा का बुधवार को 20 दिनों की धार्मिक यात्रा के बाद नंदा सिद्धपीठ कुरूड़, नंदानगर में भव्य समापन हो गया। देव डोलियों और छंतोलियों के सिद्धपीठ पहुंचते ही बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने मां नंदा के जयकारों और पुष्पवर्षा के साथ उनका स्वागत किया। यात्रा के सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने पर यात्रियों और पुजारियों में उत्साह और संतोष दिखाई दिया।
नंदा सिद्धपीठ कुरूड़ से श्री नंदा देवी बड़ी जात एवं लोकजात यात्रा का शुभारंभ 5 सितम्बर को हुआ था। 16 सितम्बर को लाटू धाम वांण में विभिन्न देव डोलियों का भव्य मिलन हुआ। इसके बाद बधाण की राजराजेश्वरी की उत्सव डोली 18 सितम्बर को वेदनी बुग्याल में लोकजात की पूजा संपन्न कर सिद्धपीठ देवराड़ा, थराली के लिए वापस लौट गई। दूसरी ओर कुरूड़ से बड़ी जात पर निकली दशोली, बंड और ज्वाल्पा की देव डोलियां, छंतोलियां तथा चौसिंगा खांडू होमकुंड की ओर आगे बढ़े।
20 सितम्बर को यात्रा त्रिशूल और नंदा घुंघटी पर्वत शृंखलाओं की तलहटी में स्थित होमकुंड पहुंची। यहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद यात्रा में शामिल तीन चौसिंगा खांडुओं को कैलाश के लिए विदा किया गया। इसके बाद बड़ी जात यात्रा ने सिद्धपीठ कुरूड़ की वापसी यात्रा शुरू की।
बुधवार सुबह यात्रा फरखेत से नारंगी गांव होते हुए कुरूड़ के लिए रवाना हुई। यात्रा के पहुंचने से पहले ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु सिद्धपीठ में एकत्र हो गए थे। देव डोलियों के कुरूड़ गांव पहुंचते ही वातावरण मां नंदा के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालु देव डोलियों को जयघोष के साथ मंदिर परिसर तक लाए और पुष्पवर्षा कर यात्रियों का स्वागत किया।
मंदिर परिसर पहुंचने के बाद दशोली की डोली को गर्भगृह में स्थापित करने की धार्मिक प्रक्रिया शुरू हुई। पूजा-अर्चना के बाद देर शाम मंत्रोच्चार के बीच डोली को सिद्धपीठ में विराजमान किया गया।
श्री नंदा देवी बड़ी जात यात्रा समिति के अध्यक्ष कर्नल हरेंद्र सिंह रावत और कुरूड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष सुखबीर सिंह रौतेला ने यात्रा के सकुशल संपन्न होने को मां नंदा का आशीर्वाद बताया। उन्होंने यात्रियों, श्रद्धालुओं और सहयोगियों का आभार जताते हुए कहा कि भक्तों के सहयोग से बिना सरकारी सहायता के यात्रा शांतिपूर्वक संपन्न हुई।
बधाण की राजराजेश्वरी की डोली कुराड़ पहुंची
उधर, वेदनी में लोकजात संपन्न करने के बाद लौट रही बधाण की मां नंदा देवी राजराजेश्वरी की उत्सव डोली बुधवार को वापसी यात्रा के छठे पड़ाव कुराड़ गांव पहुंची। डोली सुबह गोठिंड़ा से रवाना होकर खूनी और पार्था होते हुए कुराड़ पहुंची। पूरे यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं ने डोली की पूजा-अर्चना कर मनौतियां मांगीं। गुरुवार को यात्रा कुराड़ से सगवड़ा होते हुए रात्रि प्रवास के लिए ढुंगाखोली गांव पहुंचेगी।
