श्रद्धा और उल्लास के साथ सपन्न हुई बड़ी जात, अब 12 साल बाद होगी यात्रा

थराली/नंदाधाम कुरूड़, 24 सितम्बर (हरेन्द्र बिष्ट)। नंदा देवी की बड़ी जात यात्रा का बुधवार को 20 दिनों बाद नंदा सिद्धपीठ कुरूड़, नंदानगर में श्रद्धा और उल्लास के साथ समापन हो गया। देव डोलियों और छंतोलियों के सिद्धपीठ पहुंचने पर बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने जयकारों और पुष्पवर्षा के साथ उनका स्वागत किया। यात्रा के सकुशल और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने पर यात्रियों और पुजारियों में उत्साह और संतोष दिखाई दिया।
नंदा सिद्धपीठ कुरूड़ से श्री नंदा देवी बड़ी जात और लोकजात यात्रा का शुभारंभ 5 सितम्बर को हुआ था। यात्रा के दौरान 16 सितम्बर को लाटू धाम वांण में विभिन्न देव डोलियों का भव्य मिलन हुआ। इसके बाद बधांण की राजराजेश्वरी की उत्सव डोली 18 सितम्बर को वेदनी बुग्याल में लोकजात की पूजा-अर्चना के बाद सिद्धपीठ देवराड़ा-थराली के लिए लौट गई। दूसरी ओर कुरूड़ से बड़ी जात पर निकली दशोली, बंड और ज्वाल्पा की देव डोलियां, छंतोलियां और चौसिंगा खांडू होमकुंड की ओर बढ़े।
बड़ी जात यात्रा 20 सितम्बर को त्रिशूली और नंदा घुंघटी पर्वत शृंखलाओं की तलहटी में स्थित होमकुंड पहुंची। यहां परंपरागत विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद यात्रा में शामिल तीन चौसिंगा खांडुओं को कैलाश के लिए विदा किया गया। इसके बाद देव डोलियों और छंतोलियों की वापसी यात्रा शुरू हुई।
बुधवार सुबह यात्रा अपने 19वें पड़ाव फरखेत से नारंगी गांव होते हुए नंदा सिद्धपीठ कुरूड़ के लिए रवाना हुई। यात्रा के पहुंचने से पहले ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु कुरूड़ पहुंच चुके थे। देव डोलियों के गांव में प्रवेश करते ही नंदा देवी के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर डोलियों, छंतोलियों और यात्रियों का स्वागत किया।
मंदिर परिसर पहुंचने के बाद दशोली की डोली को गर्भगृह में स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हुई। पूजा-अर्चना और मंत्रोच्चारण के बीच देर शाम डोली को सिद्धपीठ में विराजमान किया गया।
श्री नंदा देवी बड़ी जात यात्रा समिति के अध्यक्ष कर्नल हरेंद्र सिंह रावत और कुरूड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष सुखबीर सिंह रौतेला ने यात्रा के शांतिपूर्वक संपन्न होने पर यात्रियों, श्रद्धालुओं और सहयोगियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के सहयोग से यात्रा सकुशल संपन्न हुई।
लोकजात की डोली कुराड़ पहुंची
उधर, वेदनी बुग्याल में लोकजात की पूजा के बाद लौट रही बधांण की मां नंदा देवी राजराजेश्वरी की उत्सव डोली बुधवार को वापसी यात्रा के छठे पड़ाव कुराड़ गांव पहुंची। डोली सुबह गोठिंड़ा से रवाना होकर खूनी और पार्था होते हुए कुराड़ पहुंची। पूरे यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं ने देव डोली की पूजा-अर्चना कर मनौतियां मांगी। गुरुवार को यात्रा कुराड़ से सगवाड़ा होते हुए ढुंगाखोली गांव पहुंचेगी, जहां रात्रि प्रवास होगा।
