पिंडर घाटी में भारी बारिश-बर्फबारी से बढ़ी ठंड, 20 घंटे बिजली गुल
–हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट–
थराली, 27 सितम्बर। पिछले 36 घंटों से पिंडर घाटी में हो रही भारी बारिश और ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण तापमान में गिरावट आने के साथ ठंड बढ़ गई है। लगातार बारिश से कई सड़कों पर मलबा और पत्थर आने से यातायात प्रभावित हुआ है। वहीं कर्णप्रयाग से देवाल की ओर आने वाली 33 केवी विद्युत लाइन में कई स्थानों पर खराबी आने से करीब 20 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही।
शनिवार तड़के करीब तीन बजे से पिंडर घाटी के निचले क्षेत्रों में बारिश शुरू हो गई थी। इसी दौरान रूपकुंड, ज्यूरागली, होमकुंड सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई। बारिश और बर्फबारी के कारण पूरी घाटी में ठंड अचानक बढ़ गई है।
लगातार बारिश से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। इन दिनों धान, मंडुवा और विभिन्न दलहनी फसलें तैयार होने की स्थिति में हैं। ऐसे में बारिश जारी रहने से इन फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
बारिश का असर सड़कों पर भी पड़ा है। ग्वालदम-सिमली राष्ट्रीय राजमार्ग के अलावा थराली-देवाल-वांण और ग्वालदम-नंदकेशरी मार्ग पर कई स्थानों पर मलबा और पत्थर आने से यातायात प्रभावित हुआ है। लोक निर्माण विभाग थराली के सहायक अभियंता जेके टम्टा ने बताया कि राज्य मार्गों के साथ ही ग्रामीण सड़कों पर भी मलबा और पत्थर आने के अलावा भूस्खलन तथा भूधंसाव हुआ है। नारायणबगड़-किमोली मोटर मार्ग के सातवें किलोमीटर पर करीब 40 मीटर सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। विभाग यातायात सामान्य करने के लिए मार्गों से मलबा हटाने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत में जुटा है।
तेज बारिश के कारण बिजली व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई। कर्णप्रयाग स्थित 132 केवी विद्युत उपकेंद्र से नारायणबगड़, थराली और देवाल को बिजली आपूर्ति करने वाली 33 केवी लाइन में कई स्थानों पर खराबी आने से पिंडर घाटी के तीनों विकासखंडों में 20 घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति ठप रही। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। रविवार दोपहर करीब एक बजे तीनों विकासखंडों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
