मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग, दून में विपक्षी दलों का संयुक्त धरना
देहरादून, 30 सितम्बर। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को विभिन्न वामपंथी, जनतांत्रिक एवं धर्मनिरपेक्ष दलों और सामाजिक संगठनों ने गांधी पार्क में संयुक्त धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता से जुड़े सवाल उठाते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा।
धरने में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भाकपा (माले), समाजवादी पार्टी, उत्तराखंड क्रांति दल, शिवसेना, राष्ट्रीय उत्तराखंड पार्टी के साथ ही विभिन्न श्रमिक, किसान, छात्र, महिला और सामा1जिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
सुबह करीब साढ़े 11 बजे गांधी पार्क के मुख्य द्वार पर एकत्र कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि हाल के घटनाक्रमों के कारण चुनाव आयोग की निष्पक्षता और संस्थागत स्वायत्तता को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने इन परिस्थितियों में मुख्य चुनाव आयुक्त से पद छोड़ने की मांग की। दोपहर करीब एक बजे प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और उसकी कार्यप्रणाली पर उठने वाले सवालों का पारदर्शी ढंग से समाधान होना चाहिए। अनंत आकाश ने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और स्वायत्तता पर जनता का विश्वास बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बने रहने को लेकर आपत्ति जताई।
धरने में माकपा के लेखराज और राजेंद्र पुरोहित, भाकपा के राज्य सचिव जगदीश कुडियाल, भाकपा (माले) के राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी, राष्ट्रीय उत्तराखंड पार्टी के बालेश बबानिया, शिवसेना के गौरव कुमार, सपा के एसपी यादव, किसान सभा के भूपाल सिंह, सुरेंद्र सजवाण, एसएफआई के अनिल ठाकुर और नितिन मलेठा सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।
सभा का संचालन शिवप्रसाद देवली ने किया, जबकि समापन वरिष्ठ नेता एसएस नेगी ने किया।

