मुख्यमंत्री धामी का चम्पावत में विकास के साथ विरासत संरक्षण पर जोर

टनकपुर, 3 अक्टूबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चम्पावत की धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सुंदरता, लोक संस्कृति और पर्यटन संभावनाओं को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर विकास का मॉडल तैयार किया जा रहा है। इसके तहत धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास के साथ सड़क, परिवहन, खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री शनिवार को टनकपुर में नवयुवक रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित दशहरा महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान उसकी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी है और विकास के साथ इसके संरक्षण पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि टनकपुर में करीब 237.74 करोड़ रुपये की लागत से आईएसबीटी का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा शारदा घाट के पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण, गोल्ज्यू कॉरिडोर, मां पूर्णागिरि क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विस्तार और विभिन्न मंदिरों के सौंदर्यीकरण के कार्य किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि मां पूर्णागिरि धाम जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ककराली गेट से धाम की ओर करीब 8.10 करोड़ रुपये की लागत से प्रकाश व्यवस्था विकसित की जा रही है। इन परियोजनाओं से पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और संस्कृति से जोड़ने का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि आदर्श चम्पावत की परिकल्पना केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जिले की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन क्षमता को भी शामिल किया गया है।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने स्पोर्ट्स हॉस्टल टनकपुर के खिलाड़ियों से संवाद किया। उन्होंने कैंप कार्यालय में आयोजित ‘मुख्य सेवक संवाद’ में लोगों की समस्याएं भी सुनीं।
दशहरा महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री सीता रसोई में आयोजित भंडारे में शामिल हुए और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
