उत्तराखंड में मौसम का कहर जारी, सात जिलों में बारिश और तूफान की चेतावनी
देहरादून, 11 अक्टूबर। उत्तराखंड में अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में भी मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार को राज्य के सात जिलों में भारी बारिश, आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। देहरादून और हरिद्वार के लिए नारंगी चेतावनी, जबकि उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग और पौड़ी सहित पांच जिलों के लिए पीली चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने संबंधित जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने तथा आपदा प्रबंधन तंत्र को सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून द्वारा 11 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे जारी पूर्वानुमान के अनुसार देहरादून और हरिद्वार में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि होने तथा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। इन दोनों जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है। इसे देखते हुए नारंगी चेतावनी जारी की गई है।
इसके अतिरिक्त टिहरी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी और उत्तरकाशी में भी गर्जन, आकाशीय बिजली तथा तेज हवाओं की संभावना व्यक्त की गई है। देहरादून और उत्तरकाशी में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी भी दी गई है। इन क्षेत्रों के लिए पीली चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में 3,800 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी की भी संभावना बनी हुई है। पिछले 24 घंटों के दौरान मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से लेकर सामान्य से कम तथा पर्वतीय क्षेत्रों में सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया है।
15 और 16 अक्टूबर को फिर बदलेगा मौसम
मौसम विज्ञान केंद्र के सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार 12 अक्टूबर को देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश अथवा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। 13 और 14 अक्टूबर को भी पर्वतीय जिलों में इसी प्रकार की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। शेष जिलों में मौसम सामान्यतः शुष्क रहने का अनुमान है।
हालांकि 15 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का पूर्वानुमान है। 16 अक्टूबर को कुमाऊं मंडल के जिलों में कुछ स्थानों तथा गढ़वाल मंडल में कहीं-कहीं बारिश और बर्फबारी की संभावना व्यक्त की गई है। इस दौरान गर्जन के साथ आकाशीय बिजली भी चमक सकती है।
भूस्खलन और सड़कों के अवरुद्ध होने की आशंका
मौसम विभाग ने चेताया है कि भारी बारिश के कारण संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने तथा सड़कों के अवरुद्ध होने की घटनाएं हो सकती हैं। नालों और छोटी नदियों में अचानक जलस्तर बढ़ने तथा निचले इलाकों में जलभराव की भी आशंका है। ओलावृष्टि से बागवानी और खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। खुले स्थानों पर खड़े वाहनों, कच्चे मकानों और असुरक्षित ढांचों को भी तेज हवाओं से क्षति पहुंचने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने किसानों को खेतों में रखी कटी फसल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, लोगों को आंधी और आकाशीय बिजली के दौरान पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने तथा पर्वतीय मार्गों पर अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
आपदा प्रबंधन तंत्र को चौबीस घंटे सतर्क रहने के निर्देश
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के प्रभारी मोहित माथुर की ओर से जारी पत्र में जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पर्वतीय क्षेत्रों में संचालित यात्राओं और ट्रेकिंग गतिविधियों पर मौसम की परिस्थितियों के अनुसार नियंत्रण रखा जाए। आवश्यकता पड़ने पर ट्रेकिंग की अनुमति रोकने अथवा स्थगित करने को कहा गया है।
आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को चौबीस घंटे सतर्क रहने, सड़क अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल यातायात बहाल करने तथा राहत एवं बचाव संसाधनों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग और सीमा सड़क संगठन सहित संबंधित एजेंसियों को मार्गों की निगरानी करने को कहा गया है।
अधिकारियों और कर्मचारियों को इस अवधि में अपने मोबाइल फोन चालू रखने तथा आपातकालीन सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यार्थियों की सुरक्षा के दृष्टिगत विद्यालयों में विशेष सावधानी बरतने तथा पर्यटकों की आवाजाही पर निगरानी रखने को भी कहा गया है।
राज्य सरकार ने संबंधित विभागों से मौसम संबंधी किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने को कहा है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार फिलहाल 11 अक्टूबर के लिए विशेष सतर्कता आवश्यक है, जबकि 12 से 15 अक्टूबर तक किसी जिले के लिए अलग से रंग आधारित मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि इस अवधि में विभिन्न स्थानों पर बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान बना हुआ है।

