शारदीय नवरात्र पर पिंडर घाटी के देवी मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु
देवराड़ा के नंदा सिद्धपीठ में विशेष पूजा-अर्चना, हरियाली बोने के साथ नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान शुरू
थराली, 11 अक्टूबर (हरेन्द्र बिष्ट)। शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को पिंडर घाटी के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने देवी मंदिरों में पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। नवरात्र के शुभारंभ पर अनेक परिवारों ने अपने घरों के पूजास्थलों में हरियाली बोकर नौ दिवसीय देवी आराधना शुरू की।
गढ़वाल के ऐतिहासिक 52 गढ़ों में शामिल बधाणगढ़ी स्थित मां नंदा भगवती और दक्षिण कालिंका मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। यहां पिंडर घाटी के अलावा कुमाऊं की कत्यूर घाटी तथा अन्य क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने मां नंदा और दक्षिण कालिंका की पूजा-अर्चना कर मनौतियां मांगीं।
इसके अलावा कुलसारी के दक्षिण कालिका मंदिर, नंदकेशरी, पिलखड़ा-ल्वाड़ी, सवाड़ के भराड़ेश्वरी मंदिर तथा लोहाजंग सहित घाटी के विभिन्न देवी मंदिरों में दिनभर धार्मिक गतिविधियां चलती रहीं। नवरात्र के अवसर पर घरों में भी विशेष पूजा-अर्चना और हरियाली बोने की परंपरा निभाई गई।
इधर, मां नंदा राजराजेश्वरी के प्रसिद्ध सिद्धपीठ देवराड़ा में नवरात्र के पहले दिन विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। मंदिर समिति के अध्यक्ष भुवन चंद्र हटवाल के नेतृत्व में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंदिर परिसर में विधिवत हरियाली बोई गई।
इस अवसर पर मां नंदा के पुजारी एवं कुरुड़ मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष मनशा राम गौड़ सहित पुजारी पारेश्वर प्रसाद गौड़, विजय प्रसाद गौड़, हरीश गौड़, सुनील गौड़ और देवेंद्र गौड़ ने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सिद्धपीठ पहुंचकर मां नंदा का आशीर्वाद लिया।
कार्यक्रम में थराली के क्षेत्र प्रमुख प्रवीण पुरोहित, नगर पंचायत अध्यक्ष सुनीता रावत, मंदिर समिति के सचिव वीरेंद्र सिंह गुसाईं, सहसचिव चरण सिंह रावत, केदार पंत, प्रेमशंकर रावत, मनोज गुसाईं तथा महिला मंगल दल की अध्यक्ष गौरा देवी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
मंदिर समिति के अध्यक्ष भुवन चंद्र हटवाल ने बताया कि नवरात्र के नौ दिनों तक देवराड़ा सिद्धपीठ में नियमित पूजा-अर्चना के साथ भजन-कीर्तन और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक आयोजनों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

