अन्य

अवैध बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई और छोटे दुकानदारों को राहत देने की मांग

 

माकपा ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, आवासीय कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियों की संयुक्त जांच पर जोर


देहरादून, 15 अक्टूबर। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने आवासीय कॉलोनियों में अवैध रूप से संचालित बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई करने और छोटे दुकानदारों की आजीविका सुरक्षित रखने की मांग की है। पार्टी के सचिव अनंत आकाश के नेतृत्व में जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में सर्वोच्च न्यायालय के 21 सितंबर 2026 के आदेश के अनुपालन में निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि आवासीय क्षेत्रों में राशन, दूध, सब्जी, स्टेशनरी और अन्य दैनिक आवश्यकताओं की छोटी दुकानें स्थानीय नागरिकों की जरूरतें पूरी करती हैं। इनसे अनेक गरीब और निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों की आजीविका जुड़ी है। इसलिए छोटे दुकानदारों के विरुद्ध चयनात्मक अथवा उत्पीड़नात्मक कार्रवाई करने के बजाय उनके नियमितीकरण की व्यवस्था की जानी चाहिए।
माकपा ने आरोप लगाया कि कई आवासीय कॉलोनियों में बड़े होटल, लॉज, पेइंग गेस्ट आवास, व्यावसायिक होमस्टे और निजी अस्पताल नियमों का उल्लंघन करके संचालित हो रहे हैं। इनके कारण पार्किंग, यातायात, प्रदूषण और सुरक्षा संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं, लेकिन कार्रवाई का निशाना छोटे दुकानदार बन रहे हैं।
पार्टी ने मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण, नगर निगम, पर्यटन, खाद्य सुरक्षा, आबकारी और राजस्व विभागों का संयुक्त सर्वेक्षण कराने की मांग की है। ज्ञापन में अवैध भूमि-उपयोग परिवर्तन, गलत तरीके से जारी लाइसेंस और स्वीकृत मानचित्रों की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा गया है।

इसके अतिरिक्त आवासीय कल्याण समितियों और स्थानीय नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
माकपा ने कहा कि आवासीय क्षेत्रों की शांति और सुरक्षा बनाए रखने के साथ गरीब परिवारों की रोजी-रोटी की रक्षा भी आवश्यक है। ज्ञापन की प्रतियां राष्ट्रपति, मुख्य न्यायाधीश, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और संबंधित अधिकारियों को भेजी गई हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!