दुष्यंत गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति के खिलाफ एसएफआई का प्रदर्शन

देहरादून, 18 अक्टूबर। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की देहरादून जिला कमेटी ने रविवार को गांधी पार्क में प्रदर्शन कर दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने उनकी नियुक्ति वापस लेने के साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन में छात्र-छात्राओं, युवाओं, महिला संगठनों और विभिन्न जनसंगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
एसएफआई के जिला सचिव अयाज खान ने कहा कि संवैधानिक पदों पर नियुक्तियों और चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवालों का संतोषजनक समाधान होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है। उन्होंने छात्र समुदाय और नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया।
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की राज्य सचिव दमयंती नेगी ने महिलाओं के अधिकारों और आंदोलनों में उनकी भागीदारी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली महिलाओं पर अभद्र टिप्पणियां करना निंदनीय है। महिलाओं को लोकतांत्रिक आंदोलनों में भाग लेने का समान अधिकार है।
डीएवी पीजी कॉलेज के छात्रसंघ उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह नेगी और पूर्व उपाध्यक्ष सोनाली ने छात्र आंदोलनों तथा महिला अधिकारों पर विचार रखे। सोनाली ने कहा कि महिलाओं को भी पुरुषों के समान विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है।
एसएफआई के पूर्व राज्य सचिव हिमांशु चौहान ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए छात्र-युवा एकजुटता पर जोर दिया। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष लेखराज ने भाजपा की नीतियों की आलोचना की। समाजसेवी स्वाति नेगी ने महिलाओं के प्रति सामाजिक दोहरे मानदंडों पर सवाल उठाए।
प्रदर्शन में आशुतोष, मुकुल, प्रियांशु राज, नाजिम, संतोष थापा, नुरैशा अंसारी, अंजलि सेमवाल और अनिता रावत सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे। एसएफआई ने दोनों मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखने की घोषणा की।

