विधानसभा चुनाव की तैयारी में कांग्रेस ने प्रदेश पदाधिकारियों को सौंपे संगठनात्मक प्रभार : देखिये सूची


देहरादून, 18 अक्टूबर । उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों को तेज करते हुए कांग्रेस ने नवनियुक्त प्रदेश पदाधिकारियों को जिलों, महानगरों, विधानसभा क्षेत्रों, अनुषांगिक संगठनों, विभागों और प्रकोष्ठों के प्रभारी की जिम्मेदारियां सौंपी हैं। पार्टी का उद्देश्य संगठनात्मक गतिविधियों में तेजी लाने के साथ ही बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं मीडिया चेयरमैन ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व ने प्रदेश पदाधिकारियों की संगठनात्मक क्षमता, अनुभव और कार्यकुशलता को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रभार आवंटित किए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के मार्गदर्शन तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पार्टी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुट गई है।
महर्षि के अनुसार नवनियुक्त प्रभारी अपने आवंटित जिलों, महानगरों और विधानसभा क्षेत्रों में नियमित प्रवास करेंगे। वे स्थानीय पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करने के अलावा संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करेंगे। कार्यकर्ताओं की समस्याओं और सुझावों से प्रदेश नेतृत्व को अवगत कराना भी उनकी जिम्मेदारी होगी।
उन्होंने बताया कि प्रभारी पदाधिकारी प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा निर्धारित कार्यक्रमों, जनसंपर्क अभियानों, धरना-प्रदर्शनों, जनांदोलनों और संगठनात्मक बैठकों के संचालन में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। अनुषांगिक संगठनों, विभागों और प्रकोष्ठों के प्रभारी समाज के विभिन्न वर्गों के बीच पार्टी की गतिविधियों का विस्तार करेंगे।
महर्षि ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था, महिलाओं के विरुद्ध अपराध तथा किसानों और युवाओं की समस्याओं को लेकर जनता में असंतोष है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर जनसंपर्क और आंदोलन तेज करेगी तथा आगामी चुनावों में इन्हें प्रमुखता से उठाएगी।
इस बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने स्पष्ट किया कि जिन प्रदेश पदाधिकारियों को अभी कार्य आवंटित नहीं किया गया है, उन्हें भी आगामी समय में जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। इसके अतिरिक्त प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी से बाहर के अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी शीघ्र संगठनात्मक दायित्व दिए जाएंगे।
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि नए प्रभारों के आवंटन से संगठन में बेहतर समन्वय स्थापित होगा और विधानसभा चुनावों की तैयारियों को गति मिलेगी।



