वायुसेना ने चुनौतीपूर्ण मौसम में लेह से गंभीर मरीज को दिल्ली पहुंचाया
An Indian Air Force (IAF) C-130J aircraft undertook a short-notice casualty evacuation late at night, airlifting a critically ill 30 years old civilian patient from Leh to Palam for further medical care.
नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2026। भारतीय वायुसेना ने एक बार फिर आपातकालीन परिस्थितियों में अपनी तत्परता और मानवीय सहायता क्षमता का परिचय देते हुए लद्दाख के लेह से एक गंभीर रूप से बीमार नागरिक को रात के समय विशेष विमान से दिल्ली पहुंचाया। खराब मौसम और अंधेरे की चुनौती के बावजूद वायुसेना ने बेहद कम समय की सूचना पर चिकित्सा निकासी अभियान संचालित किया। मरीज को आगे के उपचार के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली में भर्ती कराया गया है।
रक्षा मंत्रालय की ओर से रविवार को जारी जानकारी के अनुसार, भारतीय वायुसेना के सी-130जे परिवहन विमान ने इस आपातकालीन अभियान को अंजाम दिया। लगभग 30 वर्षीय नागरिक की स्वास्थ्य स्थिति गंभीर होने के कारण उसे तत्काल उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं वाले अस्पताल पहुंचाना आवश्यक था। इसके लिए वायुसेना को अल्प सूचना पर मरीज को लेह से दिल्ली लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
वायुसेना ने रात के समय चुनौतीपूर्ण मौसम में अभियान संचालित करते हुए मरीज को लेह से दिल्ली के पालम वायुसेना स्टेशन पहुंचाया। इसके बाद उसे विशेष उपचार के लिए एम्स स्थानांतरित कर दिया गया।
लेह जैसे ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्र में रात के समय विमान संचालन विशेष सावधानी और तकनीकी दक्षता की मांग करता है। ऊंचाई, बदलती मौसम परिस्थितियां और सीमित दृश्यता विमान संचालन को चुनौतीपूर्ण बना सकती हैं। ऐसी परिस्थितियों में आपातकालीन चिकित्सा निकासी के लिए विमान चालक दल, जमीनी कर्मचारियों तथा संबंधित एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय आवश्यक होता है।
इस अभियान में प्रयुक्त सी-130जे भारतीय वायुसेना का आधुनिक सामरिक परिवहन विमान है। इसका उपयोग सैनिकों और आवश्यक सामग्री के परिवहन के साथ-साथ आपदा राहत, मानवीय सहायता तथा आपातकालीन चिकित्सा निकासी जैसे अभियानों में भी किया जाता है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने में वायुसेना की परिचालन तत्परता, पेशेवर समन्वय और समयबद्ध कार्रवाई की महत्वपूर्ण भूमिका रही। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में गंभीर मरीज को सुरक्षित दिल्ली पहुंचाना वायुसेना की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को दर्शाता है।
भारतीय वायुसेना सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों में सैन्य आवश्यकताओं के अतिरिक्त नागरिकों की सहायता के लिए भी अपनी परिवहन क्षमताओं का उपयोग करती रही है। विशेष रूप से हिमालयी क्षेत्रों में, जहां मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों के कारण तत्काल चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंच कठिन हो सकती है, हवाई चिकित्सा निकासी जीवनरक्षक साबित हो सकती है।
हालांकि, रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी सूचना में मरीज की बीमारी, अभियान की सटीक अवधि और उसकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति का विवरण नहीं दिया गया है।


