धर्म/संस्कृति/ चारधाम यात्रा

जोशीमठ के चांई में प्राचीन सीता माता मंदिर का पुनर्निर्माण शुरू

 

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने किया शिलान्यास, दिल्ली के गोयल परिवार के सहयोग से होगा जीर्णोद्धार

ज्योतिर्मठ, 26 अक्टूबर (कपरूवाण)। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अधीन चांई गांव स्थित प्राचीन सीता माता मंदिर के पुनर्निर्माण एवं जीर्णोद्धार कार्य का सोमवार को विधिवत भूमि पूजन और शिलान्यास के साथ शुभारंभ हो गया। माता वेदवती की तपस्थली के रूप में प्रसिद्ध इस मंदिर का जीर्णोद्धार दिल्ली निवासी दिनेश गोयल और सपना गोयल परिवार के आर्थिक सहयोग से कराया जाएगा।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, चारधाम यात्रा सलाहकार माधव प्रसाद सेमवाल, समिति सदस्य राकेश भंडारी और मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ की उपस्थिति में आयोजित समारोह में मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया गया। पुजारी सुशील डिमरी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमि पूजन संपन्न कराया।

इससे पहले चांई गांव पहुंचने पर महिला मंगल दल और ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने अतिथियों का फूलमालाओं तथा ढोल-दमाऊं के साथ स्वागत किया। समारोह में अतिथियों को शॉल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। स्थानीय धार्मिक संगठनों और श्रद्धालुओं ने मंदिर के जीर्णोद्धार की पहल के लिए बीकेटीसी तथा दानदाता गोयल परिवार का आभार व्यक्त किया।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मंदिर के पुनर्निर्माण से इसकी प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण होने के साथ श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं भी मिल सकेंगी। उन्होंने निर्माण कार्य शीघ्र पूरा होने की आशा व्यक्त करते हुए दानदाता परिवार और ग्रामीणों के सहयोग की सराहना की। मंदिर समिति के अनुसार निर्माण कार्य निर्धारित प्रारूप के अनुरूप कराया जाएगा और इसकी लागत दानदाता परिवार वहन करेगा।

वेदवती की तपस्थली के रूप में प्रसिद्ध है मंदिर

चांई गांव स्थित सीता माता मंदिर क्षेत्र की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां माता वेदवती की पाषाण स्वरूप में पूजा की जाती है। स्थानीय धार्मिक मान्यता के अनुसार राजा कुशध्वज की पुत्री वेदवती ने त्रेतायुग में इस स्थान पर भगवान विष्णु की तपस्या की थी। पौराणिक आख्यानों में वेदवती द्वारा रावण को श्राप देने तथा अगले जन्म में सीता के रूप में अवतरित होने का उल्लेख मिलता है। इसी मान्यता के कारण इस मंदिर का विशेष धार्मिक महत्व है।

अस्थायी कर्मचारियों से धरना समाप्त करने की अपील

ज्योतिर्मठ प्रवास के दौरान बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने श्री नृसिंह मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे मंदिर समिति के अस्थायी कर्मचारियों से भी मुलाकात की। उन्होंने कर्मचारियों से वार्ता और समाधान की प्रक्रिया पर विश्वास रखते हुए आंदोलन तथा अनशन स्थगित करने की अपील की।

इससे पहले रविवार को ज्योतिर्मठ पहुंचने पर द्विवेदी ने प्राचीन मठ में ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती से भेंट कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने रविग्राम सांस्कृतिक समिति की ओर से आयोजित रामलीला मंचन में भी भाग लिया। इस दौरान उन्होंने धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण में स्थानीय समितियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

चांई गांव में भूमि पूजन कार्यक्रम संपन्न होने के बाद बीकेटीसी अध्यक्ष बदरीनाथ धाम पहुंचे। वहां उन्होंने यात्रा व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली।

शिलान्यास समारोह में पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शैलेंद्र पंवार, पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, ग्राम प्रधान शंकरलाल, महिला मंगल दल अध्यक्ष रीता देवी, कर्मचारी संघ अध्यक्ष विजेंद्र बिष्ट, मंदिर अभियंता गिरीश रावत, मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़, नीरज कौशिक, संजय कुंवर, संजय भट्ट, भागवत मेहता और शिशुपाल बिष्ट सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, श्रद्धालु तथा मंदिर समिति के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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