16 नवंबर से शुरू होगी स्व-गणना, एक दिसंबर से जनगणना
**सरकारी कार्यालयों में संस्कृत में लगेंगी नाम पट्टिकाएं, एकीकृत कृषि मॉडल और महिला स्वरोजगार को बढ़ावा देने के निर्देश**

पीपलकोटी, 30 अक्टूबर। उत्तराखंड में आगामी 16 नवंबर से स्व-गणना की प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि एक दिसंबर से चार जनवरी तक जनगणना का कार्य किया जाएगा। जनगणना की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सचिव दीपक कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्व-गणना के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर अधिकाधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जनगणना से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियां निर्धारित समय पर पूरी करने पर जोर दिया।
सचिव, संस्कृति, शिक्षा, जनगणना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग दीपक कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को पीपलकोटी में आयोजित समीक्षा बैठक में जनगणना के साथ ही शिक्षा, कृषि, महिला सशक्तीकरण, स्वास्थ्य और अन्य विभागीय योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई।
सचिव ने कहा कि स्व-गणना के माध्यम से नागरिक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए लोगों को प्रक्रिया की जानकारी देना और उन्हें स्व-गणना के लिए प्रेरित करना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जनगणना कार्य की प्रभावी निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रदेश की सांस्कृतिक एवं भाषायी विरासत के संरक्षण पर जोर देते हुए सचिव ने सभी कार्यालयाध्यक्षों को अपने कार्यालयों में राज्य की द्वितीय राजभाषा संस्कृत में नाम पट्टिकाएं लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संस्कृत के संरक्षण और संवर्धन के लिए इस व्यवस्था को सभी संबंधित कार्यालयों में प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
कृषि क्षेत्र की समीक्षा के दौरान सचिव ने कृषि, उद्यान, मत्स्य पालन और पशुपालन को आपस में जोड़कर एकीकृत कृषि मॉडल विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय परिस्थितियों और उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप इन गतिविधियों को एक साथ संचालित करने से किसानों की आय बढ़ाने तथा संसाधनों का बेहतर उपयोग करने में मदद मिलेगी।
महिला सशक्तीकरण के अंतर्गत उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं को स्वरोजगार और सेवा आधारित गतिविधियों से जोड़कर उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं।
शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए सचिव ने विद्यालयों में बालिका शौचालयों की नियमित सफाई और समुचित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्राओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना विद्यालय प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान सचिव ने जन औषधि केंद्रों को बढ़ावा देने तथा आम लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी पंकज उप्रेती, अधिशासी अभियंता तनुज काम्बोज, जिला कार्यक्रम अधिकारी हिमांशु बडोला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

