केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के रूप में उत्तराखंड को मिले 1,244 करोड़ रुपये
केंद्र ने राज्यों को जारी किए 1.09 लाख करोड़ रुपये, उत्तराखंड में विकास योजनाओं और पूंजीगत कार्यों को मिलेगी वित्तीय मदद
देहरादून, 31 अक्टूबर। केंद्र सरकार ने केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी के अंतर्गत उत्तराखंड को 1,244 करोड़ रुपये जारी किए हैं। यह राशि नियमित मासिक कर हस्तांतरण के अतिरिक्त दी गई है। केंद्र सरकार के इस फैसले से उत्तराखंड को विकास योजनाओं, आधारभूत ढांचे के निर्माण और जनकल्याण से जुड़े कार्यों के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से शनिवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार केंद्र सरकार ने देश के 28 राज्यों को कुल 1,09,019 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कर हस्तांतरण किस्त जारी की है। चालू वित्त वर्ष में यह दूसरी अतिरिक्त किस्त है। आगामी त्योहारों के मौसम को ध्यान में रखते हुए राज्यों को पूंजीगत व्यय में तेजी लाने तथा विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं के वित्तपोषण के उद्देश्य से यह राशि जारी की गई है।
उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए यह धनराशि महत्वपूर्ण है। राज्य में सड़क संपर्क, पेयजल योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता बनी रहती है। इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं से क्षतिग्रस्त सार्वजनिक परिसंपत्तियों की मरम्मत और पुनर्निर्माण भी राज्य की प्रमुख जरूरतों में शामिल हैं। अतिरिक्त कर हस्तांतरण से राज्य सरकार को इन प्राथमिकताओं के अनुरूप बजटीय संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। हालांकि केंद्र ने इस राशि को किसी विशेष योजना या विभाग के लिए निर्धारित नहीं किया है।
वित्त मंत्रालय के अनुसार कर हस्तांतरण की यह अतिरिक्त किस्त राज्यों को नियमित रूप से मिलने वाली मासिक राशि से अलग है। इसका उद्देश्य राज्यों की वित्तीय स्थिति को सहयोग देना और विकास संबंधी खर्चों में तेजी लाना है।
केंद्र द्वारा जारी राज्यवार विवरण के अनुसार उत्तराखंड को 1,244 करोड़ रुपये मिले हैं, जबकि पड़ोसी हिमाचल प्रदेश को 996 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस प्रकार उत्तराखंड को हिमाचल प्रदेश से 248 करोड़ रुपये अधिक प्राप्त हुए हैं। उत्तर प्रदेश को 19,208 करोड़ रुपये, बिहार को 10,845 करोड़ रुपये, मध्य प्रदेश को 8,010 करोड़ रुपये और राजस्थान को 6,460 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी का निर्धारण वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर किया जाता है। यह राशि केंद्र सरकार द्वारा एकत्र किए गए विभाज्य केंद्रीय करों में राज्यों का हिस्सा है। इसे केंद्र की ओर से दी जाने वाली विशेष सहायता, अनुदान अथवा ऋण से अलग समझा जाना चाहिए।
उत्तराखंड के लिए अतिरिक्त 1,244 करोड़ रुपये की उपलब्धता ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब पर्वतीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण और सार्वजनिक सेवाओं को सुदृढ़ करने की जरूरत बनी हुई है। इस राशि का उपयोग राज्य सरकार अपनी बजटीय प्राथमिकताओं और वित्तीय प्रावधानों के अनुसार कर सकेगी।

