क्षेत्रीय समाचार

गौचर में दिव्यांगजनों के लिए तीन दिवसीय राज्यस्तरीय सहायता शिविर, कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण वितरित

जयपुर फुट संस्था के सहयोग से दिव्यांगजनों को मिल रही नई उम्मीद, विभिन्न जिलों से पहुंचे लाभार्थी

गौचर, 31 अक्टूबर (दिग्पाल गुसाईं)। उत्तराखंड राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में चमोली जिले के पीएम श्री राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज गौचर में दिव्यांगजनों के लिए तीन दिवसीय वृहद राज्यस्तरीय सहायता शिविर का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन चमोली के सौजन्य और भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, बाड़मेर (राजस्थान) के सहयोग से आयोजित इस शिविर में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

शिविर में दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, बैसाखियां तथा अन्य सहायक उपकरण वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त जरूरतमंद दिव्यांगजनों के लिए प्रसिद्ध जयपुर फुट सहित विभिन्न प्रकार के कृत्रिम अंग भी तैयार किए जा रहे हैं। शिविर का मुख्य उद्देश्य शारीरिक अक्षमता के कारण दैनिक जीवन में कठिनाइयों का सामना कर रहे लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और उनकी जीवनशैली को सुगम बनाना है।

जिला समाज कल्याण अधिकारी धनंजय लिंगवाल ने बताया कि शिविर में चमोली के अलावा उत्तराखंड के अन्य जिलों से भी दिव्यांगजन पहुंच रहे हैं। उनकी आवश्यकताओं के अनुसार सहायक उपकरण और कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। शिविर में जिला समाज कल्याण विभाग के साथ ही स्वास्थ्य विभाग, महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग तथा उद्यान विभाग की ओर से भी स्टॉल लगाए गए हैं। इनके माध्यम से लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, कल्याणकारी कार्यक्रमों और विभागीय सुविधाओं की जानकारी देने के साथ आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।

भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, बाड़मेर के उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड समन्वयक चंद्रशेखर भंसाली ने बताया कि उनकी संस्था पिछले तीन दशकों से अधिक समय से दिव्यांगजनों की सेवा में कार्यरत है। संस्था देश के विभिन्न राज्यों के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सहायता शिविर आयोजित करती रही है। इन शिविरों के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को जयपुर फुट, अन्य कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं, ताकि वे बिना किसी पर निर्भर हुए अपने दैनिक कार्यों को अधिक सुगमता से कर सकें।

शिविर में सहायक उपकरण प्राप्त करने वाले दिव्यांगजनों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई लाभार्थियों के लिए कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण मिलने से उनकी रोजमर्रा की कठिनाइयां कम होने की उम्मीद जगी है। लाभार्थी गणेश लाल और मोहन सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा जिला समाज कल्याण विभाग चमोली का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शिविर दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले दिव्यांगजनों के लिए विशेष रूप से उपयोगी हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में कृत्रिम अंगों और विशेष सहायक उपकरणों की उपलब्धता सीमित होने के कारण जरूरतमंद लोगों को अक्सर दूरदराज के शहरों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में गौचर में आयोजित राज्यस्तरीय शिविर से उन्हें अपने क्षेत्र के निकट ही आवश्यक सुविधाएं प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।

यह शिविर दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और आत्मनिर्भर जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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