थराली के लोड़ा गांव में भीषण अग्निकांड, दो दुकानों और गोदाम में लाखों का सामान जलकर राख

आगजनी की आशंका में एक संदिग्ध हिरासत में, पुलिस और राजस्व विभाग कर रहे जांच
थराली, 8 नवंबर ( हरेन्द्र बिष्ट)। तहसील थराली के अंतर्गत राजस्व उपनिरीक्षक क्षेत्र तलवाड़ी के लोड़ा गांव में शनिवार देर रात भीषण आग लगने से दो दुकानों और एक गोदाम में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। आग की चपेट में एक आवासीय भवन भी आ गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन दल ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस मामले में आगजनी की आशंका के चलते थराली थाना पुलिस ने गांव के ही एक व्यक्ति को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात ग्राम पंचायत विजयपुर के लोड़ा गांव में लक्ष्मी प्रसाद जोशी पुत्र स्वर्गीय बैजदत्त जोशी के मकान, दो दुकानों और गोदाम में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग लगने की सूचना मिलते ही थराली के थानाध्यक्ष विनोद चौरसिया पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अग्निशमन दल भी तत्काल मौके पर पहुंचा। पुलिस और अग्निशमन कर्मियों ने काफी प्रयासों के बाद आग पर काबू पाया।
आग इतनी भीषण थी कि दुकानों और गोदाम में रखा जनरल स्टोर का लगभग पूरा सामान जलकर नष्ट हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार अग्निकांड में लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। दुकान स्वामी और गोदाम में किराए पर रह रहे लोग भी सुरक्षित बताए गए हैं।
रविवार को राजस्व उपनिरीक्षक तलवाड़ी रोबिट सिद्दीकी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने आग लगने की परिस्थितियों के संबंध में स्थानीय लोगों से पूछताछ भी की। इस दौरान जानकारी सामने आई कि घटना के समय गांव के ही गोपाल दत्त जोशी पुत्र जयदत्त जोशी को संदिग्ध परिस्थितियों में देखा गया था।
इस जानकारी के आधार पर थराली थाना पुलिस ने संबंधित व्यक्ति को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस उससे घटना के संबंध में जानकारी जुटा रही है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों और घटना में किसी व्यक्ति की संलिप्तता की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
थराली थाना पुलिस और राजस्व विभाग संयुक्त रूप से घटना की जांच कर रहे हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आग दुर्घटनावश लगी अथवा इसके पीछे किसी की जानबूझकर की गई कार्रवाई थी।

