पौड़ी के 2 दर्जन गावों में दहशत जिलाधिकारी ने किया बाघ प्रभावित गांवों का दौरा
–कोटद्वार से शिवाली –
जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान रिखणीखाल तहसील के अंतर्गत डल्ला गांव पहुंचे और उन्होंने पीड़ित परिवार के परिजनों को सांत्वना दी। जिलाधिकारी के साथ गढ़वाल वन प्रभाग व लैंसडौन वन प्रभाग की टीम, उपजिलाधिकारी, पुलिस कर्मी सहित अन्य विभागों के अधिकारी गांव में पहुंचे। बाघ को पिंजरे में कैद करने के लिए गढ़वाल डिवीजन के डीएफओ, फॉरेस्टर व पुलिस कर्मियों के साथ गांव में डटे हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि गांव में तमाम जगहों पर ट्रैस कैमरे लगा दिए गए है।साथ ही घटनास्थल के आसपास वन विभाग के द्वारा पिंजरे लगाए गए हैं। हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि बाघ पिंजरे में कैद हो जाए।
उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने डल्ला गांव के ग्रामीण व आसपास क्षेत्र के ग्रामीणों को आवश्यक कार्य पड़ने पर ही तथा एक साथ मिलकर घर से बाहर निकले की बात कही। उन्होंने कहा कि जब तक बाघ पिंजरे में कैद नहीं हो जाता तब तक आस पास के विद्यालयों में अवकाश रहेगा। उन्होंने बाघ को पकड़ने के लिए तैनात टीम को निरंतर रूप से बाघ पर निगरानी बनाने के निर्देश दिए। गांव में बाघ की चहल करने पर जगह जगह पर ट्रैक कैमरे लगा दिए गए है।
घटनास्थल पर डीएफओ गड़वाल स्वप्निल अनिरुद्ध, डीएफओ लेंसडाउन दिनकर तिवारी, उपजिलाधिकारी कोटद्वार प्रमोद कुमार, लेंसडाउन सोहन सिंह, सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
