भरी बरसात में भी गौचर सूखा ; बादल गरजते हैँ पर बरसते नहीं
-गौचर से दिग्पाल गुसाईं –
पिछले लंबे समय से क्षेत्र में बारिश न होने से जहां सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं वहीं गर्मी ने भी अपने तेवर दिखाना शुरू कर दिया है।
जनपद के अन्य भागों में भले ही मानसून ने 25 जून के आसपास दस्तक दे दी थी लेकिन इस क्षेत्र में 5 जुलाई के बाद ही मानसूनी बारिश की शुरुआत हुई थी। क्षेत्र में 23 जुलाई की रात को पहली बार मूसलाधार बारिश हुई थी। इसके पश्चात एक दो दिन हल्की बारिश के बाद बारिश का सिलसिला थमने के बाद क्षेत्र में जहां फिर से गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है वहीं सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं। हालांकि क्षेत्र में बादलों की आमद तो हो रही लेकिन बादल बिना बरसे ही गायब हो जा रहे हैं।
बारिश न होने की वजह से कास्तकारों के सामने फसलों को बचाने का भी संकट पैदा हो गया है। इन दिनों धान की सिंचाई के लिए कास्तकारी महिलाएं रात दिन जुटी हुई हैं। लेकिन खस्ताहाल सिंचाई नहर व बंद पड़ी सिंचाई लिफ्ट पंप योजना कास्तकारों के मुंह चिढ़ा रही हैं। मौसम विभाग ने अन्य जनपदों के साथ ही जनपद चमोली के लिए भी कई बार भारी बारिश की चेतावनी जारी की हो लेकिन इस चेतावनी का भी यहां कोई असर होता नहीं दिखाई दिया।
