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प्राचीन भारतीय समुद्री परंपरा : नौसेना जोड़कर बनाए जाने वाले पोत को पारंपरिक समुद्री व्यापार मार्गों पर रवाना करेगी

India’s rich maritime tradition, dating back several millennia, is set to come alive once again with the revival of an ancient maritime marvel – the stitched ship. In a momentous initiative by the Govt. of India, the Indian Navy, Ministry of Culture, and M/s Hodi Innovations, Goa, are collaborating to reconstruct an ancient stitched ship, reminiscent of the ships that once sailed the oceans in India's ancient maritime trade routes.

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कई सहस्राब्दियों से चली आ रही भारत की समृद्ध समुद्री परंपरा एक बार फिर जीवित होने के लिए तैयार है, जब प्राचीन समुद्री चमत्कार के तहत जोड़कर बनाया गया जहाज निर्मित किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। इस पहल के तहत भारतीय नौसेना, संस्कृति मंत्रालय और मेसर्स होदी इनोवेशन, गोवा, जोड़कर बनाए जाने वाले जहाज को तैयार करने के लिए सहयोग कर रहे हैं। ऐसे जहाज पहले कभी भारत के प्राचीन समुद्री व्यापार मार्गों पर यात्रा करते थे।

भारत की सांस्कृतिक और सभ्यतामूलक विरासत में निहित यह उल्लेखनीय प्रयास हमारे देश की समृद्ध जहाज निर्माण धरोहर का प्रतीक है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की परिकल्पना में विषय विशेषज्ञों के साथ व्यापक अनुसंधान और परामर्श महत्वपूर्ण रहा है।

यह पहल कई मंत्रालयों के सहयोगात्मक प्रयास का प्रतिनिधित्व करती है। भारतीय नौसेना जहाज के डिजाइन और निर्माण की देखरेख कर रही है। इस जहाज को प्राचीन समुद्री व्यापार मार्गों पर चलाया जाएगा। संस्कृति मंत्रालय ने इस परियोजना को पूरी तरह से वित्तपोषित किया है, जबकि पोत परिवहन मंत्रालय और विदेश मंत्रालय निर्बाध अंतरराष्ट्रीय यात्रा को सुनिश्चित करने के लिए परियोजना का समर्थन कर रहे हैं।

इस परियोजना को 14 दिसंबर 2022 को एक स्मारक परियोजना के रूप में हमंत्री की अध्यक्षता में राष्ट्रीय कार्यान्वयन समिति द्वारा अनुमोदित किया गया था । भारतीय नौसेना के नौसेना वास्तुकला निदेशालय ने संस्कृति मंत्रालय के साथ कई दौर की चर्चा की। इस सिलसिले में 18 जुलाई 2023 को जोड़कर बनाए जाने वाले जहाजों की प्राचीन निर्माण कला को ध्यान में रखते हुए मैसर्स होदी इनोवेशन, गोवा के साथ एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।

इस जहाज का निर्माण श्री बाबू शंकरन के नेतृत्व में पारंपरिक जहाज निर्माताओं की एक टीम द्वारा किया जाएगा। श्री बाबू शंकरन इस तरह के जहाज निर्माण में विशेषज्ञ हैं। इस सदियों पुरानी तकनीक का उपयोग करके, लकड़ी के तख्तों को पतवार के आकार के अनुरूप पारंपरिक स्टीमिंग विधि का उपयोग करके आकार दिया जाएगा। फिर प्रत्येक तख्ते को नारियल के रेशे, राल और मछली के तेल के मिश्रण से सील करके डोरियों/रस्सियों के सहारे एक-दूसरे के साथ बांध दिया जाएगा।

जहाज तैयार हो जाने के बाद, भारतीय नौसेना प्राचीन नौवहन तकनीकों का उपयोग करके पारंपरिक समुद्री व्यापार मार्गों पर एक अनोखी यात्रा शुरू करेगी। पुनर्जीवन और पुनरुद्धार की यात्रा 12 सितंबर 2023 को मेसर्स होदी इनोवेशन, गोवा में आयोजित शिलान्यास समारोह के साथ शुरू होगी। संस्कृति और विदेश राज्य मंत्री श्रीमती मीनाक्षी लेखी इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगी। इस अवसर पर एडमिरल आर हरि कुमार, सीएनएस और प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य श्री संजीव सान्याल भी उपस्थित रहेंगे।

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