पोखरी की रामलीला में बाली वध और सुग्रीव राज्याभिषेक के मंचन ने बांधा समां

पोखरी, 23 जून (राणा)। नगर पंचायत क्षेत्र के पोखरी बाजार में रामलीला समिति के तत्वावधान में आयोजित दस दिवसीय पारंपरिक रामलीला श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास का केंद्र बनी हुई है। रामलीला की सातवीं संध्या पर बाली-सुग्रीव युद्ध, भगवान राम द्वारा बाली वध तथा सुग्रीव के राज्याभिषेक सहित कई महत्वपूर्ण प्रसंगों का भावपूर्ण और आकर्षक मंचन किया गया। कलाकारों के सजीव अभिनय ने दर्शकों को रामायण काल की घटनाओं से जोड़ दिया। देर रात तक बड़ी संख्या में दर्शक रामलीला का आनंद लेते रहे।
सातवें दिन की रामलीला में हनुमान द्वारा ऋष्यमूक पर्वत पर भगवान राम और सुग्रीव की मित्रता कराने का प्रसंग मंचित किया गया। इसके बाद बाली-सुग्रीव युद्ध का प्रभावशाली प्रदर्शन हुआ। भगवान राम द्वारा सात वृक्षों की ओट से बाण चलाकर बाली का वध करने का दृश्य दर्शकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। बाली वध के बाद सुग्रीव को किष्किंधा का राजा बनाया गया तथा लक्ष्मण द्वारा उनका राज्याभिषेक कराया गया। साथ ही अंगद को युवराज घोषित किए जाने का प्रसंग भी प्रस्तुत किया गया।
रामलीला में तारा का पति वियोग में विलाप, सुग्रीव द्वारा माता सीता की खोज के लिए वानर सेना को चारों दिशाओं में भेजना, हनुमान का समुद्र लांघकर लंका पहुंचना तथा लंका के द्वार पर राक्षसी लंकिनी से युद्ध जैसे प्रसंगों का भी प्रभावशाली मंचन किया गया। कलाकारों की सशक्त संवाद अदायगी और प्रभावपूर्ण अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि अष्ट भैरव उपासक दीपक कुंवर तथा विशिष्ट अतिथि नगर पंचायत पार्षद प्रशांत पंत ने कहा कि रामलीला के कलाकारों ने अपने उत्कृष्ट अभिनय से आयोजन को यादगार बना दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन समाज को अपनी जड़ों, परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।
रामलीला में प्रवेश चौधरी ने भगवान राम, अनुराग विष्ट ने भरत, अंशुल चौधरी ने लक्ष्मण, स्वतंत्र चौधरी ने शत्रुघ्न, मयंक चौधरी ने सीता, दीपक चौधरी ने बाली, कुलदीप चौधरी ने सुग्रीव, जया चौधरी ने हनुमान, राजेश चौधरी ने विभीषण, भूपेंद्र नेगी ने तारा तथा अविरल भट्ट ने अंगद की भूमिका निभाई। सभी कलाकारों ने अपने पात्रों का प्रभावशाली निर्वहन कर दर्शकों की खूब सराहना प्राप्त की।
रामलीला समिति के सचिव संतोष चौधरी एवं संरक्षक कुंवर सिंह चौधरी ने बताया कि इस वर्ष रामलीला का आयोजन पारंपरिक एवं भव्य स्वरूप में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गर्मी की छुट्टियों के चलते बड़ी संख्या में प्रवासी, नौकरीपेशा लोग, बाहर अध्ययनरत छात्र-छात्राएं, धियाण तथा रिश्तेदार अपने गांवों में पहुंचे हुए हैं, जिससे आयोजन को लेकर विशेष उत्साह का माहौल है।
उन्होंने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम भी है। इसके जरिए युवा अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो रहे हैं।
मेला समिति ने क्षेत्रवासियों से आगामी दिनों में भी अधिक से अधिक संख्या में रामलीला स्थल पहुंचकर आयोजन का आनंद लेने तथा इसके सफल संचालन में सहयोग देने की अपील की।
इस अवसर पर सचिव संतोष चौधरी, संरक्षक कुंवर सिंह चौधरी, ओम प्रकाश चौधरी, महिधर पंत, मंदोदरी पंत, रमेश चौधरी, मधुसूदन चौधरी, सत्यप्रकाश पंत, कुलदीप चौधरी, दीपक चौधरी, जय चौधरी, भूपेंद्र नेगी सहित मेला समिति के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
