भाजपा सरकार पर राज्य की सम्पत्तियों को लुटवाने का आरोप

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देहरादून 21 दिसम्बर(उ हि)। प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड के बीच परिसम्पत्तियों के बंटवारे में भाजपा सरकार पर राज्य की सम्पत्तियों को लुटवाने का आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा कि बडे भाई उत्तर प्रदेश के समक्ष उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री धामी ने राज्य की सम्पत्तियों व राज्य के हितों का समपर्ण कर दिया है। अलकनन्दा होटल के ऐवज में सिंचाई विभाग की बेसकीमती जमीन उत्तर प्रदेश को देना व श्रीबद्रीनाथ मन्दिर की सम्पत्तियों को भी उत्तर प्रदेश को सौंप देना राज्य के हितों के साथ खिलवाड है। टिहरी बांध परियोजना से मिलने वाली बिजली तथा अन्य हितों को भी गम्भीरता से नहीं देखा गया व राज्य के हितों को वहां पर भी समर्पण किया गया है। उत्तराखण्ड परिवहन निगम का भी लगभग 100 करोड़ रूपये राज्य के हितों के साथ समझौता किया गया है। उन्होने कहा कि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री बेशक मेरे प्रिय अनुज हैं परन्तु उत्तर प्रदेश के आगे उत्तराखण्ड राज्य के हितों को समर्पित किया जाना राज्य वासियों के साथ अन्याय है। सिंचाई विभाग की परिसम्पत्तियों के मामले में भी राज्य के हितों के साथ समझौता किया गया है।

Uttarakhand will have to seek permission from UP to use the water resources of Uttarakhand.
हरीश रावत ने कहा कि इसके अलावा 11वें वित्त आयोग से मिलने वाली 5000 करोड़ की धनराशि, उत्तर प्रदेश रिवॉल्विंग फंड में उत्तराखंड के 13 जिलों की जिला पंचायतों की जमा धनराशि पर अर्जित ब्याज। उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास विभाग को अनुबंध के अनुसार बकाया ब्याज के 15 करोड़ से अधिक की धनराशि। तराई बीच एवं तराई विकास परिषद को उत्तर प्रदेश से मिलने वाली 8.80 करोड़ की धनराशि का भुगतान। उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास विकास निगम और उत्तराखंड के बीच परिसंपत्तियों का वर्ष 2000 की बैलेंस शीट के आधार बंटवारा तथा लखनऊ एवं दिल्ली स्थित राज्य अतिथि गृह की परिसंपत्तियों पर भी उत्तर प्रदेश कब्जा जमाये हुए है। केन्द्र की भाजपा सरकार के दबाव के चलते उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड की भाजपा सरकारों के मध्य गुपचुप ढंग से चुनावी वर्ष में आनन-फानन में परिसम्पत्तियों के अव्यवहारिक बंटवारे से उत्तराखण्ड राज्य के हितों पर भारी कुठाराघात किया गया है जिससे कांग्रेस पार्टी सहमत नहीं है।

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