मसूरी चिंतन शिविर के अंतिम दिन मुख्यमंत्री धामी ने बंदरों के उत्पात का मुद्दा उठाया

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-उत्तराखंड हिमालय ब्यूरो

देहरादून, 24 नवंबर।  सशक्त उत्तराखंड @25 चिंतन शिविर के अंतिम दिन आज  मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी, मसूरी में  सशक्त उत्तराखंड @25 चिंतन शिविर में प्रतिभाग  कर राज्य में बंदरों के उत्पात का मुद्दा उठाया और कहा कि काश्तकारों के लिए बन्दर बड़ी समस्या बन गए हैं.


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने  चिंतन शिविर के तीसरे दिन चर्चा के दौरान कहा कि राज्य में खेती एवं बागवानी को बंदरो द्वारा काफी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। जिससे अधिकांश लोग खेती एवं बागवानी में कम रुचि ले रहे हैं। इस वजह से ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन भी हो रहा है। इस दिशा में विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इसके लिए संबंधित विभागों को भी वन विभाग के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने होंगे। वन विभाग, कृषि विभाग एवं उद्यान विभाग द्वारा कार्यशाला का आयोजन कर इस समस्या का समाधान निकाला जाए।

वन मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने कहा कि  वन पंचायतों के माध्यम से स्थानीय लोगों को वनों से जोङना होगा। इसके लिये वनों के माध्यम से उनकी आजीविका को बढ़ाने के प्रयास करने हैं।  कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी ने कहा कि आईटीआई में बच्चों को अच्छा प्रशिक्षण मिले, इसके लिए आईटीआई में आवश्यक संसाधनों एवं मैनपावर को बढ़ाने की दिशा में विशेष ध्यान देना होगा।

नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री सुमन बेरी ने कहा कि उनका उत्तराखण्ड से काफी समय से लगाव रहा है। राज्य के समग्र विकास के लिए हो रहे इस चिंतन शिविर के आने वाले समय में राज्य को अच्छे परिणाम मिलेंगे। नीति आयोग द्वारा राज्य को हर संभव सहयोग दिए जाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उत्पादों की वैल्यू एडिशन, मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग की दिशा में विशेष ध्यान देना होगा। अगले 25 साल भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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