बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी की जांच समिति पर कांग्रेस ने उठाये सवाल
देहरादून, 6 जुलाई। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान में कथित चोरी के मामले को गंभीर बताते हुए राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों पर अनियमितता एवं चोरी के आरोप लग रहे हैं, उन्हीं से जुड़े लोगों को जांच समिति में शामिल किया गया है, जो निष्पक्षता और पारदर्शिता के सिद्धांतों के विपरीत है। उन्होंने इसे “बिल्ली को ही दूध की रखवाली सौंपने” जैसी स्थिति बताया।
गोदियाल ने कहा कि इस तरह गठित जांच समिति से निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच विधानसभा की संयुक्त समिति (जॉइंट कमेटी) से कराई जाए, जिसकी अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष करें, ताकि आम जनता और करोड़ों श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रह सके। यदि सरकार इसके लिए तैयार नहीं है, तो जांच प्रक्रिया की निगरानी उच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश से कराई जानी चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पास इस मामले में निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई करने का अवसर था, लेकिन जिस प्रकार पूर्व में केदारनाथ स्वर्ण प्रकरण में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, उसी तरह इस मामले में भी सरकार की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जब बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष के निजी सहायकों पर ही आरोप लगाए जा रहे हों और उसी तंत्र से जुड़े लोगों को जांच समिति का सदस्य बनाया जाए, तो ऐसी जांच की विश्वसनीयता स्वतः समाप्त हो जाती है।
गोदियाल ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस पार्टी इस समिति की रिपोर्ट को स्वीकार नहीं करेगी और मामले की स्वतंत्र, पारदर्शी तथा निष्पक्ष जांच की मांग पर दृढ़ता से कायम रहेगी।
